सिलीगुड़ी। नए साल के मौके पर पर्यटकों के लिए बंगाल सफारी पार्क से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बाघ, शेर और हिमालयन ब्लैक भालू के बाद अब आईयूसीएन (इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर) की रेड लिस्ट में शामिल अत्यंत संकटग्रस्त प्रजाति मैनड्रिल के सफल प्रजनन में बंगाल सफारी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
पूरे राज्य में केवल बंगाल सफारी पार्क में ही मैनड्रिल प्रजाति के बंदर मौजूद
करीब दो साल बाद पार्क प्रशासन को यह सफलता मिली है। नए साल की शुरुआत में नन्हे मेहमान के आगमन से बंगाल सफारी प्रशासन के साथ-साथ राज्य वन विभाग और जू अथॉरिटी भी बेहद उत्साहित हैं। पूरे राज्य में केवल उत्तर बंगाल के बंगाल सफारी पार्क में ही मैनड्रिल प्रजाति के बंदर मौजूद हैं, इसी कारण यह उपलब्धि और भी खास मानी जा रही है। पार्क प्रशासन के अनुसार, मां और शावक दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

2023 में जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जमशेदपुर जूलॉजिकल पार्क से लाए गए थे
गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जमशेदपुर जूलॉजिकल पार्क से पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत तीन मैनड्रिल बंगाल सफारी लाए गए थे। इनके लिए पार्क में लगभग 23 लाख 54 हजार रुपये की लागत से अलग एनक्लोजर तैयार किया गया था। कड़ाके की ठंड में मैनड्रिलों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पार्क अधिकारियों ने विशेष निगरानी भी रखी थी।
स्वस्थ शावक को जन्म दिया है
लगातार दो वर्षों के बाद इन तीन मैनड्रिलों में से विष्णु और नियति नामक जोड़े ने पिछले सप्ताह एक स्वस्थ शावक को जन्म दिया है। ठंड से बचाव के लिए मां और शावक पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्हें जूट की बोरियां और भूसा दिया गया है। हाल ही में मां बनी नियति के भोजन में भी विशेष बदलाव किए गए हैं, ताकि उसका शरीर गर्म रहे।

पर्यटक नए मेहमान को देखने के लिए और अधिक आकर्षित होंगे।”
इस उपलब्धि पर राज्य की वन मंत्री बीरबहा हांसदा ने कहा, “नए साल में यह हमारे लिए बेहद खुशी की खबर है। बाघ और शेर जैसे जानवरों के साथ-साथ मैनड्रिल जैसे संकटग्रस्त जीवों के संरक्षण पर भी हम लगातार ध्यान दे रहे हैं। उसी का परिणाम आज सामने आया है। उम्मीद है कि पर्यटक नए मेहमान को देखने के लिए और अधिक आकर्षित होंगे।”
तीन मैनड्रिल यहां लाए गए थे
वहीं बंगाल सफारी पार्क के निदेशक ई. विजय कुमार ने कहा,“2023 में तीन मैनड्रिल यहां लाए गए थे। तब से हम उनकी पूरी देखभाल कर रहे हैं। हमारे राज्य में किसी अन्य चिड़ियाघर में मैनड्रिल नहीं हैं, केवल बंगाल सफारी में ही यह प्रजाति मौजूद है, इसलिए हमारी चिंता भी ज्यादा थी। प्रजनन में सफलता मिलने से हम बहुत खुश हैं। फिलहाल मां और शावक दोनों स्वस्थ हैं और अतिरिक्त देखभाल की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।”