डेस्क। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आखिरकार व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई। वेनेजुएला में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और संकट के बाद इस बैठक पर दुनियाभर की नजरें टिकी थीं। गुरुवार को मचाडो लंच मीटिंग के लिए व्हाइट हाउस पहुंचीं। करीब एक घंटे से ज्यादा चली इस मुलाकात के बाद मचाडो ने एक बड़ा दावा किया, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी।
ट्रंप को सौंपा नोबेल शांति पुरस्कार का पदक
मचाडो ने कहा कि उन्होंने मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने यह पदक औपचारिक रूप से स्वीकार किया या नहीं। जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या ट्रंप ने पुरस्कार स्वीकार कर लिया है, तो मचाडो ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब बीते कुछ हफ्तों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि मचाडो ट्रंप को नोबेल पुरस्कार से जुड़ा कोई प्रतीकात्मक सम्मान दे सकती हैं। मचाडो पहले भी सार्वजनिक मंचों से ट्रंप की भूमिका की सराहना कर चुकी हैं। हालांकि, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार यह पुरस्कार न तो हस्तांतरित किया जा सकता है और न ही साझा किया जा सकता है।
व्हाइट हाउस से निकलते वक्त समर्थकों ने किया स्वागत
मीटिंग के बाद जब मचाडो व्हाइट हाउस से बाहर निकलीं, तो वहां मौजूद उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने नारे लगाए और मचाडो ने उनसे कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।” इसके बाद कुछ लोगों ने “थैंक यू, ट्रंप” के नारे लगाए। इसके बाद मचाडो वॉशिंगटन में अन्य राजनीतिक बैठकों के लिए रवाना हो गईं।
ट्रंप की ओर से मचाडो को मिला गिफ्ट
व्हाइट हाउस से निकलते समय मचाडो के हाथ में एक लाल रंग का गिफ्ट बैग भी दिखाई दिया, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम और सिग्नेचर मौजूद थे। इस बैग में क्या रखा था, इसकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।