अयोध्या। राम मंदिर के नव संवत्सर कार्यक्रम में आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सुरक्षा घेरा अभेद्य करने की कवायद शुरू हो गई। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस इकाइयों के जवान तैनात रहेंगे, जिनके समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।
आगामी 19 मार्च को राष्ट्रपति के हाथों राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना होनी है। इसी दौरान सम्मान समारोह का आयोजन होगा, जिसमें राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राम मंदिर के कुछ मंदिरों पर ध्वजारोहण भी किया जाएगा। आयोजन में लगभग छह हजार वीवीआईपी के आने की उम्मीद है। आयोजन के वृहद् स्वरूप को लेकर पिछले करीब एक माह से ही मंदिर ट्रस्ट के अलावा पुलिस-प्रशासन के लोग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
वहीं, राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए पुलिस ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर एयरपोर्ट, साकेत महाविद्यालय के हेलीपैड स्थल, राम मंदिर, राष्ट्रपति के आवागमन के रूट, मंदिर भ्रमण के रूट आदि पर 12 नोडल अधिकारी नामित किए हैं। उनके अधीन समूहों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। यह नोडल अधिकारी राष्ट्रपति के अलग-अलग सुरक्षा घेरे में तैनात विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
बहु स्तरीय रहेगा सुरक्षा घेरा
सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति की सुरक्षा में सबसे भीतरी घेरा उनकी पारंपरिक सैन्य इकाई के जवान संभालेंगे। इनके साथ नजदीकी सुरक्षा में विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। इसके बाद के घेरों में स्थानीय पुलिस, खुफिया इकाइयों और विशेष सुरक्षा बलों के जवानों की तैनाती रहेगी। आयोजन को लेकर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और खुफिया टीमें लगातार निगरानी रखेंगी। आवागमन मार्गों की पहले से ही गहन जांच कराई जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। इसे लेकर रेंज और जोन के अन्य जिलों से भी पुलिसकर्मियों की डिमांड की जा रही है।
अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का कहना है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसे लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। नोडल अधिकारियों को नामित करके उन्हें जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।