डेस्क। हिंदू धर्म में होलिका दहन को महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह तिथि नकारात्मकताओं का नाश और जीवन में नई शुरुआत करने के लिए अत्यंत शुभ है। मान्यता है कि, होली के रंग जीवन में ऊर्जा और खुशियां लेकर आते हैं। इस दिन पूजा-पाठ व दान-दक्षिणा जैसे कार्य करने से जीवन में सुख-सौभाग्य बढ़ता है। इस वर्ष 3 मार्च 2026 को होलिका दहन है। लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है, जो भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय दृष्टि से यह संयोग अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। ऐसे में होलिका दहन और चंद्र ग्रहण का समय क्या रहेगा, आइए जानते हैं।
चंद्र ग्रहण 2026
इस साल 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लगने वाला है। यह इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण होगा, जिसे भारत में देखा जाएगा। इसका समय शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट की रहेगी।
कब लगेगा सूतक काल
3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में देखा जाएगा। इसलिए सुबह 9 बजकर 39 मिनट से सूतक काल प्रारंभ होगा, जिसमें नए काम से लेकर पूजा-पाठ करना वर्जित होगा।
कहां-कहां नजर आएगा चंद्र ग्रहण ?
होली पर लगने वाला चंद्र ग्रहण एक आंशिक (खण्डग्रास) होगा, जिसे भारत से लेकर यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका तक नजर आएगा।
होलिका दहन 2026
इस बार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगी और समापन अगले दिन 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट होगा। इसलिए 3 मार्च 2026 को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी।
किस समय होगा होलिका दहन
ज्योतिषियों के मुताबिक, होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण होने के कारण 6 बजकर 46 मिनट पर ग्रहण समाप्ति के बाद 6 बजकर 25 मिनट से रात 8 बजकर 50 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त बना रहेगा।
भूलकर भी न करें ये काम
सूतक काल शुरू होने से ग्रहण समाप्त होने तक नए काम का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। आप किसी यात्रा के लिए भी न निकले। गर्भवती नुकीली चीजों से दूर रहे और सब्जी काटने से लेकर घर के अन्य कार्य भी न करें। आसमान देखने की भूल न करे। भोजन भी न करें। इस पूरी अवधि में आप मंत्र जाप करें।