नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण दुनिया में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे भारत भी अछूता नहीं रहा है। भारत की सबसे ज्यादा गैस कतर से आती है लेकिन खाड़ी के इस देश ने सप्लाई बंद कर दी है। इससे देश में गैस का संकट खड़ा हो गया है। देश के ज्यादातर हिस्सों में लोगों को एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। वहां मिल रहे हैं, उनकी कीमत काफी ज्यादा है। गैस की परेशानी को देखते हुए सरकार भी एक्टिव हुई है और आवश्यक वस्तु कानून लागू कर दिया है। देश में गैस की किल्लत किस प्रकार हो रही है और सरकार का क्या प्रयास है, जानें हर अपडेट।
गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान
देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
टेलीकॉम टावर मैन्यूफैक्चरर्स ने एलपीजी सप्लाई रुकने पर चिंता जताई
देश में एलपीजी सप्लाई बंद होने को लेकर दूरसंचार टावर विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियों का कहना है कि इससे मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की निरंतरता प्रभावित हो सकती है। डिजिटल बुनियादी ढांचा उद्योग संगठन डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (डीआईपीए) ने कहा कि सरकार के आदेश के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने दूरसंचार टावर विनिर्माण कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया है कि एलपीजी की सप्लाई फिलहाल केवल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर की जाए। डीआईपीए ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों और ईंधन संकट के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की निरंतरता प्रभावित होने की आशंका है। इस मामले में संगठन ने दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
: सरकार ने गैस आवंटन में बदलाव किया, एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। भारत अपनी 19.1 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन गैस खपत का लगभग आधा हिस्सा आयात के जरिये पूरा करता है। होर्मुज से टैंकर की आवाजाही रुकने के कारण पश्चिम एशिया से आने वाली करीब छह करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन की गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।
लपीजी किल्लत से होटल, रेस्तरां कामकाज बंद करने को हो सकते हैं मजबूर: उद्योग संगठन
वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहे होटल कारोबारियों के संगठन ने मंगलवार को कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मुंबई के कई होटल और रेस्तरां को अगले दो दिनों में अपना कामकाज बंद करना पड़ेगा। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा कि पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी इसी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता सूची में संशोधन किया है। एलपीजी उत्पादन को सीएनजी और पाइप वाली खाना पकाने की गैस के साथ शीर्ष पर रखा है। इससे बाजार मूल्य पर वाणिज्यिक एलपीजी का उपयोग करने वाले होटल और रेस्तरां के लिए आपूर्ति में भारी कमी हो गई है।
एलपीजी उत्पादन करने वाली इकाइयों को अब मिलेगी गैस आवंटन में प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आयात प्रभावित होने के बीच एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि अब घरेलू रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर उन इकाइयों को की जाएगी, जो इसका उपयोग एलपीजी उत्पादन के लिए करती हैं। अभी तक कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) और घरों में पाइप के जरिये पहुंचाई जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) ही ऐसे दो प्राथमिकता वाले क्षेत्र थे जिन्हें कच्चे माल के रूप में घरेलू प्राकृतिक गैस मिलती थी।
दिल्ली में भी कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत
मुंबई और बेंगलुरु के बाद दिल्ली में भी कमर्शियल एलपीजी सप्लाई की दिक्कत होने लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंट्रल दिल्ली की एक एजेंसी ने कहा कि वह रोजाना 300 कमर्शियल सिलेंडर बेचती थी लेकिन पिछले दो दिन से उसने कोई सिलेंडर नहीं बेचा है। इसकी वजह यह है कि उसे आगे से सप्लाई नहीं मिली है। सामान्य दिनों में ऐसा नहीं होता है।