सिलिगुड़ी । दून हेरिटेज स्कूल के माध्यम से सिलिगुड़ी में ईस्ट बंगाल का स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने जा रहा है। पिछले शुक्रवार को ईस्ट बंगाल क्लब के साथ इस संबंध में आधिकारिक समझौता हो गया है। फरवरी के पहले सप्ताह से दून के मैदान में इस फुटबॉल स्कूल की गतिविधियां शुरू होंगी।
सिलिगुड़ी को ऐसा एक प्रतिष्ठित फुटबॉल स्कूल देने के लिए दून हेरिटेज स्कूल के निदेशक शिवम भट्टाचार्य ने ईस्ट बंगाल के पूर्व फुटबॉलर अल्विटो डी कुन्हा का आभार व्यक्त किया। शिवम ने बताया, “हमारे स्पोर्ट्स डे में शामिल होकर अल्विटो स्कूल का मैदान देखकर काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा था कि कोलकाता में इससे कहीं छोटे मैदानों में ईस्ट बंगाल प्रशिक्षण देता है, तो आप लोग कोशिश क्यों नहीं करते? उन्हीं की प्रेरणा से हमने ईस्ट बंगाल के शीर्ष अधिकारी देबब्रत सरकार (नीतुदा) के सामने स्कूल की बुनियादी सुविधाएं और हमारी योजना रखी। इसके बाद ही पिछले शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर हुए।”
शिवम ने यह भी स्पष्ट किया कि फुटबॉल स्कूल की पूरी गतिविधियां ईस्ट बंगाल क्लब की देखरेख में होंगी। उन्होंने कहा,
“अंडर-10, अंडर-13, अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग के लड़के और लड़कियों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में मौका मिलेगा। कोलकाता से सीधे ईस्ट बंगाल क्लब ही इसका संचालन करेगा।”
स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देते हुए शिवम ने बताया कि ईस्ट बंगाल साल में दो बार छात्रों की प्रगति रिपोर्ट जारी करेगा। मेंटर के रूप में क्लब के पूर्व फुटबॉलर हर 1-2 महीने में आकर विशेष प्रशिक्षण सत्र लेंगे। इसके साथ ही स्कूल स्तर से लेकर जहां भी संभव होगा, विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्रों को भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। सप्ताह में तीन दिन, स्कूल के बाद दून के मैदान में प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे।
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज के लिए ईस्ट बंगाल स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जल्द ही पहाड़ी इलाकों में भी ट्रायल आयोजित करेगा, यह जानकारी शिवम ने मंगलवार को दी।