कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा कब होगी और परिणाम कब आएंगे, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव की तारीखों को लेकर एक बड़ा संकेत दिया है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं।
अपने धरना कार्यक्रम को समाप्त करने के बाद मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने न केवल चुनाव आयोग पर निशाना साधा, बल्कि भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने चुनाव तारीखों की संभावित घोषणा को लेकर भी अपनी राय रखी।
अभिषेक बनर्जी के अनुरोध पर खत्म किया धरना
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना धरना कार्यक्रम वापस ले लिया। धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है और वह केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के दबाव में फैसले लेता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।
ब्रिगेड रैली का जिक्र करते हुए दिया इशारा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि अगर ब्रिगेड मैदान की रैली के बाद चुनाव की तारीखों की घोषणा होती है तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं होगी। उन्होंने कहा,“मैंने देखा है कि पहले भी ब्रिगेड की बड़ी सभा के बाद ही चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाती रही है।”
गौरतलब है कि 14 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी रैली होने वाली है। ममता बनर्जी का मानना है कि इस रैली के बाद ही चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।
15 या 16 मार्च को हो सकती है घोषणा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संभव है कि 15 या 16 मार्च को चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत अनुमान है। ममता बनर्जी ने कहा,“अगर 15 या 16 तारीख को चुनाव की घोषणा होती है तो भी हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।”
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस दौरान चुनाव से जुड़े एक मामले में Supreme Court of India में हुई सुनवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश में हर बात लिखी नहीं होती, लेकिन वीडियो रिकॉर्डिंग में अदालत की टिप्पणी देखी जा सकती है। ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को तय की गई है।
राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। चुनाव की संभावित तारीखों को लेकर अब राजनीतिक दलों के बीच चर्चा और अटकलें और भी बढ़ गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव की तारीखों की घोषणा का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होती जाएंगी। सभी प्रमुख दल अपने-अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि अभी तक चुनाव की तारीखों को लेकर इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की निगाहें अब चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह कब चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करता है। फिलहाल इतना तय है कि पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्म होने वाला है और चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी मुकाबला पूरी तरह से तेज हो जाएगा।