नई दिल्ली। बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की दर्दनाक मौत हो गई। वह एक पेट्रोल पंप पर काम करता था और बिना पैसे दिए भाग रही गाड़ी को रोकने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गाड़ी ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना शुक्रवार को बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में हुई। पुलिस के अनुसार, यह मामला पेट्रोल का भुगतान किए बिना भागने से जुड़ा है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रिपन साहा के रूप में हुई है।रिपन साहा करीम फिलिंग स्टेशन, गोलंदा मोड़ पर काम कर रहा था। यह जानकारी बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार ने पुलिस के हवाले से दी है।
कैसे हुई घटना?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4.30 बजे एक काली एसयूवी गाड़ी पेट्रोल पंप पर आई। गाड़ी में करीब 5000 टका (लगभग 3710 रुपये) का ईंधन डलवाया गया। जब चालक बिना पैसे दिए गाड़ी लेकर जाने लगा, तो रिपन साहा ने उसे रोकने की कोशिश की और गाड़ी के सामने खड़ा हो गया। आरोप है कि चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी और रिपन को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। उसकी वहीं मौत हो गई।
राजबाड़ी सदर थाने के प्रभारी खोंदकर जियाउर रहमान ने कहा कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया जाएगा। बाद में पुलिस ने गाड़ी जब्त कर ली और मालिक अबुल हाशेम उर्फ सुजन और उसके चालक कमाल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का राजनीतिक संबंध
पुलिस के मुताबिक, अबुल हाशेम एक ठेकेदार है और वह पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के राजबाड़ी जिला कोषाध्यक्ष रह चुका है। वह जिला जुबो दल का अध्यक्ष भी रह चुका है। बांग्लादेश की 2022 की जनगणना के अनुसार, देश में हिंदुओं की आबादी लगभग 1.31 करोड़ है, जो कुल आबादी का करीब 7.95 प्रतिशत है। इस घटना को बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हालिया हिंसा की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) ने आरोप लगाया था कि आम चुनाव नजदीक आते ही देश में सांप्रदायिक हिंसा तेजी से बढ़ रही है। परिषद के अनुसार, यह हिंसा अल्पसंख्यक मतदाताओं को डराने के लिए की जा रही है ताकि वे अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट न दे सकें। बांग्लादेश में संसदीय चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। परिषद ने बताया कि केवल दिसंबर 2025 में ही सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गईं।
हाल के अन्य मामले
2 दिसंबर को नरसिंदी में एक 42 वर्षीय जौहरी प्रांतोष सरकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 18 दिसंबर को मायमेनसिंह में 25 वर्षीय दिपु चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था और बाद में शव जला दिया गया था।
24 दिसंबर को राजबाड़ी में अमृत मंडल की कथित उगाही के आरोप में लिंचिंगकी गई थी। 31 दिसंबर की रात खोकोन चंद्र दास पर हमला कर उसे जला दिया गया था, जिसकी 3 जनवरी को अस्पताल में मौत हो गई।
जनवरी की हत्याएं
5 जनवरी को पलाश उपजिला में किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। उसी दिन जेसोर जिले में आइस फैक्ट्री मालिक और पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
6 जनवरी को नौगांव जिले में चोरी के आरोप से बचने के लिए नहर में कूदे मिथुन सरकार की मौत हो गई। 7 दिसंबर को रंगपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी योगेश चंद्र रॉय और उनकी पत्नी शुभर्णा रॉय की उनके घर में हत्या कर दी गई।