नई दिल्ली। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति पर मंडराते खतरे के बीच मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ता को पिछले रिफिल के बाद कम से कम 25 दिनों तक इंतजार करना होगा, जबकि पहले यह अवधि 21 दिन थी। यह फैसला पैनिक बाइंग और होर्डिंग रोकने के लिए लिया गया है।
20 प्रतिशत बढ़ी घरेलू एलपीजी की मांग
पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू एलपीजी की मांग में 15-20 प्रतिशत की अचानक बढ़ोतरी हुई। लोग भविष्य में आपूर्ति बाधित होने के डर से पहले से ही सिलेंडर बुक कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और स्टॉक भी मजबूत स्थिति में है। बुकिंग की न्यूनतम अवधि बढ़ाकर इन्वेंटरी को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
अब इतने दिनों मिलेगा सिलेंडर
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘औसत घरेलू परिवार साल में 7-8 सिलेंडर (14.2 किलो) इस्तेमाल करता है। सामान्य तौर पर एक सिलेंडर 6 हफ्तों से ज्यादा चलता है। 21 दिन की जगह 25 दिन की वेटिंग पीरियड लगाना जरूरी हो गया, ताकि अनावश्यक बुकिंग और स्टॉकिंग रोकी जा सके।’ यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां-इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम-इसे लागू कर रही हैं।
पेट्रोल और डीजल के नहीं बढ़ेंगे दाम
सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल नहीं बढ़ाने का भी फैसला किया है, भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हो। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां मौजूदा लागत दबाव को कुछ समय तक सहन करेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘सरकार ग्लोबल ऑयल मार्केट पर नजर रख रही है, लेकिन अभी रिटेल फ्यूल कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है।’