नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में एसआईआर का मुद्दा अब भी छाया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार को पश्चिम बंगाल SIR का मुद्दा उठा। इतना ही नहीं, सुनवाई के दौरान CAA आवेदकों की याचिका का भी जिक्र था। इसे देखते ही सीजेआई सूर्यकांत भड़क गए। उन्होंने साफ-साफ लहजे में कह दिया कि क्या सुप्रीम कोर्ट के पास पश्चिम बंगाल के अलावा और कोई काम नहीं है। हालांकि, उन्होंने याचिका रिजेक्ट नहीं की. अब इस मामले की पर कल यानी मंगलवार को सुनवाई होगी।
चलिए जानते हैं कि आखिर सुप्रीम कोर्ट में असल में हुआ क्या
दरअसल सुप्रीम कोर्ट में आज यानी सोमवार (09 मार्च 2026) को पश्चिम बंगाल के एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े मामले का जिक्र किया गया। इस मामले की सुनवाई सीजेआई यानी चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने हुई। इस दौरान सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने एसआईआर में वोटरों के नाम हटाने का मुद्दा उठाया।
सुप्रीम कोर्ट में हुआ क्या?
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और उनके दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं लिए गए। उन्होंने कहा कि ये वे मतदाता हैं, जिन्होंने पहले वोट डाला था, लेकिन अब उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं. इतना सुनते ही सीजेआई सूर्यकांत ने बीच में टोका।
सीजेआई सूर्यकांत ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट न्यायिक अधिकारियों के फैसलों पर अपील की तरह सीधे नहीं बैठ सकता।इस पर वकील गुरुस्वामी ने दलील दी कि धारा 23 और 24 के तहत अपील का प्रावधान है, इसलिए इस मामले को टैग किया जा सकता है। CJI सूर्यकांत ने ने इस पर कहा कि मामले को कल लिया जाएगा।
क्यों भड़क गए सीजेआई सूर्यकांत
इसी दौरान CAA आवेदकों की एक अन्य याचिका का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि वे एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सूची में शामिल नहीं हो पाए क्योंकि वे पेश नहीं हो सके थे। इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या हमारे पास पश्चिम बंगाल के अलावा और कोई काम नहीं है?. इसके बाद अब मामले में आगे की सुनवाई कल यानी मंगलवार को होने की संभावना है।टॉप वीडियो