मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के बाद विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लिया है। कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं। विपक्ष के कुछ नेताओं ने फडणवीस से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करने की कोशिश की गई। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, हालांकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं। घटना के बाद फिल्म जगत में भी चिंता का माहौल है।
टाइगर श्रॉफ से मिलने पहुंचे एकनाथ शिंदे, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे देर रात टाइगर श्रॉफ से मिलने उनके आवास पहुंचे। मुलाकात के बाद शिंदे ने गोलीबारी को गंभीर और निंदनीय बताते हुए कहा कि सार्वजनिक हस्तियों को धमकाने और डराने की कोशिशों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिंदे के अनुसार, इस घटना के दौरान पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। उन्होंने कहा कि टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं, लेकिन उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं। मुलाकात के दौरान अभिनेता ने उन्हें बताया कि उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट लगी है। शिंदे ने यह भी बताया कि टाइगर और उनकी मां घटना के बाद सदमे में हैं। उपमुख्यमंत्री ने अभिनेता को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और पुलिस उनके साथ हैं तथा धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में पहले भी गैंगवार की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन पुलिस ने अतीत में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया था। उन्होंने दोहराया कि लोगों में भय पैदा करने वाली आपराधिक गतिविधियों को दोबारा पनपने नहीं दिया जाएगा।
फिल्म जगत में चिंता, दिशा पाटनी ने भी की मुलाकात
गोलीबारी की घटना के बाद अभिनेत्री दिशा पाटनी भी टाइगर श्रॉफ से मिलने उनके आवास पहुंचीं। इस घटना ने फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अभिनेता अमोल पाराशर ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाना जरूरी है। उनके मुताबिक, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यदि अपराधियों को दंड नहीं मिलता, तो इससे दूसरे लोगों को भी कानून तोड़ने का हौसला मिल सकता है।
कांग्रेस ने फडणवीस को घेरा, इस्तीफे की मांग तेज
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य की महायुति सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में हालात बिगड़ रहे हैं और सरकार अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में नाकाम रही है। सपकाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल उठाया कि जब मुंबई में एक अभिनेता भी गोलीबारी का निशाना बन सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों में कानून का भय कम होता जा रहा है और पुलिस प्रशासन पर सरकार का नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी जवाबदेही बनती है। सपकाल ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए फडणवीस से पद छोड़ने की मांग की। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भी मुंबई की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार प्रभावी साबित नहीं हो रही है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग का जिक्र
सचिन सावंत ने अपनी प्रतिक्रिया में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फिल्मी हस्तियों और फिल्म निर्माताओं को मिल रही धमकियां राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सावंत ने सरकार से पूछा कि असामाजिक तत्वों और संगठित अपराध से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
वर्षा गायकवाड़ बोलीं- राज्य को अलग गृह मंत्री की जरूरत
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र के लिए अलग गृह मंत्री नियुक्त करने की मांग की। उन्होंने मौजूदा सुरक्षा स्थिति के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस को जिम्मेदार ठहराया। गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि क्या मुंबई में कानून-व्यवस्था प्रभावी ढंग से कायम है और क्या अपराधियों के मन में अब भी पुलिस का डर है। उन्होंने कहा कि जब अभिनेता और राजनीतिक नेता ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रोहित पवार ने निवेशकों के भरोसे पर जताई चिंता
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी गोलीबारी की घटना को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिससे राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पवार ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां इस तरह की घटनाएं होने से निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। उन्होंने फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर हुई गोलीबारी का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि यदि गृह विभाग राज्य में बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस कर रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम मंत्री को सौंपने पर विचार किया जाना चाहिए।
एनसीपी नेताओं ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराधी बिना किसी डर के आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथियारों से धमकाने और खुलेआम हिंसा करने की घटनाएं नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं। क्रास्टो ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई का आश्वासन देना नहीं, बल्कि लोगों के मन में सुरक्षा का भरोसा कायम करना भी है।
सुषमा अंधारे ने बिश्नोई गिरोह को लेकर उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना को बेहद चौंकाने वाला बताया। उन्होंने इसे केवल फिल्मी हस्तियों या उद्योगपतियों की सुरक्षा का मामला मानने के बजाय राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी करार दिया। अंधारे ने आरोप लगाया कि सरकार बिश्नोई गिरोह के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार अपराध और संगठित गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए गंभीर है, तो ऐसे नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कदम कब उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई में फिल्म उद्योग की बड़ी मौजूदगी और कई प्रमुख हस्तियों के रहने के बावजूद सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल उठना चिंता का विषय है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, पुलिस जांच पर टिकी नजरें
टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना ने महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। एक ओर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय करने और गृह विभाग के कामकाज पर सवाल उठा रहा है। अब मामले में पुलिस जांच की दिशा, गोलीबारी के पीछे की वजह और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें हैं। इस घटना के बाद सरकार के सामने अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के साथ-साथ आम नागरिकों और फिल्म जगत की सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम करने की चुनौती भी है।