डेस्क। 2007 में एमएस धोनी और 2024 में रोहित शर्मा के बाद अब 2026 में सूर्यकुमार यादव टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भारत की झोली में डाला है। इस खिताबी जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में सूर्या की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने संजू, अभिषेक और ईशान के अर्धशतकों के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन स्कोर बोर्ड पर लगाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में 159 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने 96 रन से खिताब अपने नाम किया। भारत अब सबसे ज्यादा तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला देश बन गया है। इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद सूर्या बेहद खुश नजर आए।
सूर्यकुमार यादव ने खुद को थप्पड़ क्यों मारे?
जब सूर्यकुमार यादव टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी उठाने के लिए स्टेज पर आगे बढ़े तो उन्होंने खुद को कुछ थप्पड़ मारे। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया? दरअसल, उन्हें यह सपने जैसा महसूस हो रहा था। शायद वह इस पर यकीन नहीं कर पा रहे थे कि वह भारतीय क्रिकेट के कुछ सबसे बड़े लेजेंड्स वाले एक एलीट क्लब में अपनी एंट्री कर चुके हैं। यह उनका चौथा टी20 वर्ल्ड कप था, 2024 से पहले 2021 और 2022 में उनका दिल टूटा था। इस जीत की अहमियत को सच में समझने में उन्हें कुछ पल लगने वाले थे।
‘इसे समझने थोड़ा समय लगेगा’
मैच के बाद बाद सूर्या ने कहा कि मुझे लगता है कि इसे समझने थोड़ा समय लगेगा, लेकिन मैं निश्चित रूप से बहुत खुश हूं। यह एक लंबा सफर रहा है। यह 2024 वर्ल्ड कप के बाद शुरू हुआ। जय शाह और रोहित भाई समेत सभी ने मुझ पर भरोसा दिखाया और मुझे लीड करने का मौका दिया। वहां से यहां आकर जीतने तक। हम पिछले दो सालों से अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और हम बस 2024 वर्ल्ड कप में अपनी अच्छी क्रिकेटिंग आदतों को बनाए रखना चाहते थे। लड़कों ने इसे बहुत अच्छे से लिया।
सूर्या की अपने खिलाड़ियों को सपोर्ट करने की आदत
गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के कुछ ही समय बाद सूर्या भारत का टी20 कप्तान बनाया गया और उन्होंने इस रोल के लिए पसंदीदा हार्दिक पंड्या को पीछे छोड़ दिया। एक लीडर का सबसे बड़ा काम अपने खिलाड़ियों को तब सपोर्ट करना होता है, जब वे सबसे निचले स्तर पर हों और कोई गलती न करें, अभिषेक शर्मा एक मुश्किल दौर से गुजर रहे थे।