नई दिल्ली। मुकेश अंबानी और गौतम अडानी आने वाले कुछ सालों में भारी रकम निवेश करने वाले हैं। यह रकम एनर्जी सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग आदि सेक्टर में निवेश होगी। गुजरात के गांधीनगर में संडे को हुए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस फॉर सौराष्ट्र-कच्छ में बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने गुजरात में भारी निवेश करने का ऐलान किया। इसमें अंबानी और अडानी भी शामिल रहे। इससे यह साफ हो गया है कि गुजरात ग्रीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में एक बड़ा हब बनता जा रहा है।
अंबानी कितना पैसा लगाएंगे?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि उनकी कंपनी अगले पांच सालों में गुजरात में 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह पिछले 5 सालों के निवेश से दोगुना होगा। अंबानी ने बताया कि इस निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
5 बड़ी घोषणाएं
@ अंबानी ने इस दौरान 5 अहम घोषणाएं कीं। इनमें से एक है जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम बनाना। इसमें सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (हवाई जहाज के लिए पर्यावरण-अनुकूल ईंधन) शामिल होगा। उन्होंने कहा कि जामनगर अब सिर्फ तेल का हब नहीं रहेगा, बल्कि ग्रीन एनर्जी का एक बड़ा निर्यातक बनेगा।
@ अन्य घोषणाओं में कच्छ में मल्टी-गीगावाट का सोलर प्रोजेक्ट लगाना शामिल है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
@ जामनगर में भारत का सबसे बड़ा AI-रेडी डेटा सेंटर बनेगा। जियो (Jio) एक खास AI इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म भी लॉन्च करेगा, जिसकी शुरुआत गुजरात से होगी। इससे आम लोग अपनी भाषा में AI सेवाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे।
@ रिलायंस फाउंडेशन गुजरात सरकार के साथ मिलकर अहमदाबाद ओलंपिक 2036 के विजन में मदद करेगा। वे नारणपुरा के वीर सावरकर मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन भी करेंगे।
@ इनके अलावा जामनगर में एक विश्व स्तरीय अस्पताल और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।
अडानी कितना पैसा निवेश करेंगे
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने बताया कि अडानी ग्रुप अगले पांच सालों में मुंद्रा, कच्छ में 1.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उन्होंने कहा कि कच्छ देश का सबसे बड़ा एनर्जी हब बन गया है। उनका ग्रुप मुंद्रा में 37 गीगावाट क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी पार्क बना रहा है। करण अडानी ने बताया कि अडानी ग्रुप साल 2030 तक कावड़ा प्रोजेक्ट को पूरा कर लेगा और 37 गीगावाट की पूरी क्षमता शुरू कर देगा। यह पोर्ट्स से पावर बनाने वाला ग्रुप अगले 10 सालों में मुंद्रा में अपनी पोर्ट क्षमता को दोगुना भी करेगा।
ये कंपनियां भी करेंगी निवेश
ज्योति सीएनसी के चेयरमैन पराक्रमसिंह जडेजा ने अगले पांच सालों में मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और स्किल डेवलपमेंट में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। वेल्स्पन ग्रुप (Welspun Group) के चेयरमैन बीके गोयनका ने बताया कि उनकी कंपनी गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा पाइपलाइन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।