30 साल तक काम में डूबे रहे आमिर खान, परिवार को समय न दे पाने का हुआ अफसोस
नई दिल्ली । बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मंच पर अभिनेता अपने जीवन के उस दौर को याद करते हुए भावुक हो गए, जब उन्होंने करियर को प्राथमिकता देते हुए परिवार और रिश्तों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाला। अपनी जिंदगी के इस अनुभव को साझा करते हुए आमिर की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार तीन दशकों तक काम में डूबे रहने के कारण जिंदगी के कई अहम पल उनके हाथ से निकल गए। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कॉमेडियन ऋषि बुधराणी के साथ बातचीत के दौरान आमिर खान ने अपने करियर, निजी जीवन और परिवार के साथ बिताए समय को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान घर पर रहने के समय उन्हें पहली बार गहराई से एहसास हुआ कि काम के पीछे भागते हुए उन्होंने जिंदगी के कई साल गुजार दिए।
कोविड के दौरान हुआ जिंदगी की असली प्राथमिकताओं का एहसास
आमिर खान ने बातचीत के दौरान बताया कि कोरोना महामारी के समय जब वह घर पर थे, तब उन्हें अपनी जिंदगी के बीते वर्षों पर सोचने का मौका मिला। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि काम के प्रति उनका जुनून धीरे-धीरे उनके निजी रिश्तों पर भारी पड़ने लगा था। अभिनेता ने कहा कि किसी काम के लिए एक-दो या पांच साल तक पूरी तरह समर्पित रहना समझ में आता है, लेकिन अगर यही सिलसिला 30 साल तक चलता रहे, तो इसका असर जिंदगी के दूसरे महत्वपूर्ण पहलुओं पर पड़ता है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “कोविड के दौरान जब मैं घर पर बैठा था और सोच रहा था, तो मुझे लगा कि मेरी जिंदगी के कई साल गुजर चुके हैं। एक-दो या पांच साल तक किसी एक काम के पीछे पूरी तरह से पागल होकर उसमें डूब जाना तो ठीक है, लेकिन अगर ऐसा 30 साल तक चलता रहा, तो इसका मतलब है कि आपने अपने रिश्ते खो दिए हैं। आपके बच्चे बड़े हो गए हैं, बालिग हो गए हैं। और ये सोचकर मुझे एक खालीपन महसूस हुआ।” आमिर की इस बात से साफ हुआ कि सफलता और करियर की उपलब्धियों के बीच परिवार के साथ बिताया गया समय उनके लिए कितना महत्वपूर्ण हो गया है।
भावुक हुए आमिर खान, आंखों में आंसू लेकर मांगी माफी
अपने जीवन के इस संवेदनशील पहलू पर बात करते हुए आमिर खान भावुक हो गए। बातचीत के दौरान उनकी आंखों में आंसू आ गए और उन्हें खुद को संभालने के लिए कुछ पल लेने पड़े। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों और प्रशंसकों से माफी भी मांगी। आमिर ने बताया कि कोविड के दौरान हुए इस आत्ममंथन ने उन्हें अपनी जिंदगी में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। उन्हें महसूस हुआ कि काम और सफलता के पीछे भागते हुए परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों को समय देना भी उतना ही जरूरी है। अभिनेता के मुताबिक, पिछले चार वर्षों से वह अपनी जिंदगी में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अब उनका ध्यान केवल फिल्मों और काम तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ अधिक समय बिताने को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
‘खुशी है कि 56 साल की उम्र में एहसास हुआ’
आमिर खान ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि जिंदगी की प्राथमिकताओं को लेकर यह एहसास उन्हें 56 साल की उम्र में हुआ। उनके मुताबिक, अगर यह समझ उन्हें 86 साल की उम्र में आती, तो शायद जिंदगी में बदलाव करने के लिए बहुत देर हो चुकी होती। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि ये खयाल मुझे 56 साल की उम्र में आया, न कि 86 साल की उम्र में, नहीं तो इस बारे में कुछ भी कर पाने में बहुत देर हो चुकी होती।” आमिर का यह बयान बताता है कि जिंदगी में सफलता हासिल करने के साथ-साथ अपने रिश्तों को समय देना भी कितना जरूरी है। उनके लिए यह अनुभव केवल बीते समय को याद करने का नहीं, बल्कि भविष्य में अपनी प्राथमिकताओं को बेहतर बनाने का भी रहा है।
‘3 इडियट्स’ के सीक्वल पर भी बोले आमिर खान
सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बातचीत के दौरान आमिर खान से उनकी चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर भी सवाल पूछा गया। साल 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला था और इसके संभावित दूसरे भाग को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। सीक्वल के बारे में आमिर ने कहा कि फिलहाल वह इस पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने बताया कि निर्देशक राजकुमार हिरानी, जिन्हें वह प्यार से राजू कहते हैं, फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। आमिर के अनुसार, राजकुमार हिरानी जल्द ही उन्हें कहानी का अंतिम संस्करण सुनाएंगे। इसके बाद ही फिल्म को लेकर आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
करियर के साथ परिवार को भी प्राथमिकता देना चाहते हैं आमिर
आमिर खान हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल हैं, जो अपनी फिल्मों के लिए लंबे समय तक तैयारी करने और किरदारों में पूरी तरह डूब जाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, सिंगापुर में हुई इस बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि काम के प्रति यही समर्पण कई बार उनकी निजी जिंदगी पर भारी पड़ा। कोविड महामारी के दौरान हुए आत्ममंथन ने उन्हें अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने का अवसर दिया। अब वह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने की कोशिश कर रहे हैं। आमिर की भावुक स्वीकारोक्ति यह संदेश देती है कि पेशेवर सफलता के साथ निजी रिश्तों को संभालना भी जरूरी है। जिंदगी के बीते वर्षों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन समय रहते अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करके अपनों के साथ बेहतर पल जरूर बिताए जा सकते हैं।