Home » राजनीति » अमित शाह का राहुल गांधी और केजरीवाल पर तीखा हमला, बोले- पंजाब में AAP का होगा सफाया; 2029 तक यमुना साफ करने का लक्ष्य

अमित शाह का राहुल गांधी और केजरीवाल पर तीखा हमला, बोले- पंजाब में AAP का होगा सफाया; 2029 तक यमुना साफ करने का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना की सफाई और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी. . .

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना की सफाई और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए दिल्ली और पंजाब की राजनीति को लेकर कई बड़े दावे किए। शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता की समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है और मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी को वहां बड़ा राजनीतिक नुकसान होगा।

यमुना की सफाई के लिए 9,141 करोड़ रुपये की परियोजनाएं

अमित शाह ने दिल्ली में यमुना की सफाई, सीवरेज व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति से संबंधित कुल 43 परियोजनाओं का जिक्र किया। इनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इनकी कुल लागत 9,141 करोड़ रुपये बताई गई। इन परियोजनाओं के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उन्नयन, नए संयंत्रों की स्थापना, सीवर लाइन बिछाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे काम किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य नालों और सीवर से निकलने वाले गंदे पानी को उपचारित करके यमुना में प्रदूषण कम करना है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सरकार बनने के बाद यमुना की सफाई को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के साथ बैठक की थी। उनके मुताबिक, केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में काम कर रही हैं।

मई 2029 तक यमुना को स्वच्छ बनाने का दावा

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाकर जनता के सामने आना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्वच्छ पानी, बेहतर सीवर व्यवस्था, साफ गलियां और कूड़े के पहाड़ों से मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। शाह ने दावा किया कि पहले दिल्ली में गंदे पानी और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण यमुना में प्रदूषण बढ़ता रहा, लेकिन अब केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सरकारों के बीच समन्वय की कमी से पहले समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। अब चारों सरकारों के संयुक्त प्रयास से नदी की सफाई के लिए रोडमैप तैयार किया गया है।

केजरीवाल पर निशाना, बोले- बहाने बनाने से काम नहीं चलता

अमित शाह ने अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल की पिछली सरकार पर यमुना की सफाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सरकारों के दौरान नदी में गंदे पानी और अन्य अपशिष्ट के प्रवाह को रोकने के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। शाह ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जनता की समस्याएं दूर नहीं होतीं। उनके मुताबिक, सरकारों को परिणाम देकर दिखाने चाहिए और लोगों को स्वच्छ पानी, बेहतर नागरिक सुविधाएं तथा साफ वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार ने कचरा हटाने का काम तेज किया है। शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार के प्रयासों से करीब 2.17 लाख टन कचरे की सफाई की गई है और आने वाले समय में इन स्थानों को बेहतर स्वरूप देने की योजना है।

राहुल गांधी पर भी बरसे अमित शाह

गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कभी ईवीएम तो कभी वोट चोरी का मुद्दा उठाते हैं। शाह के मुताबिक, चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि जब किसी राज्य में विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं, तब वे चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाने लगते हैं। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि वोट चोरी का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश की जा रही है। ये आरोप गृह मंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन में लगाए; विपक्षी दलों के संबंधित पक्ष और प्रतिक्रियाएं अलग से देखी जानी चाहिए।

‘अगले 30 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी’

अपने भाषण में अमित शाह ने भाजपा के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अगले तीन दशकों तक सत्ता में बनी रहेगी। शाह ने विपक्ष के चुनावी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जनता का जनादेश राजनीतिक बयानबाजी से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता की समस्याओं को समझते हैं तथा उनके समाधान के लिए काम करते हैं। शाह के अनुसार, सरकार की उपलब्धियों का आकलन उसके काम और नतीजों के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वह धरने-प्रदर्शन और आरोपों की राजनीति के बजाय उन क्षेत्रों में काम करके दिखाए, जहां उसे जनता ने जनादेश दिया है।

पंजाब में नशे के मुद्दे पर AAP को घेरा

अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे का कारोबार बढ़ा है और सरकार इस समस्या को नियंत्रित करने में सफल नहीं रही है। शाह ने दावा किया कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को पंजाब में भी राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को खत्म करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। हालांकि, पंजाब में आगामी चुनाव के परिणामों को लेकर उनका बयान एक राजनीतिक दावा है, न कि चुनावी नतीजे का निश्चित संकेत।

दिल्ली में सीवर और पेयजल सुविधाओं पर सरकार का जोर

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की कई कॉलोनियों में सीवर लाइन और जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए परियोजनाएं शुरू की गई हैं। किराड़ी सहित कई इलाकों में घर-घर सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना का भी उल्लेख किया गया। सरकार की योजना सीवेज के उचित उपचार, गंदे पानी के प्रवाह पर नियंत्रण और पेयजल आपूर्ति में सुधार के जरिए लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की है। शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल और जल मंत्री के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयास से यमुना की सफाई में सुधार होगा और दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिलेंगी।

यमुना की सफाई और विपक्ष पर हमले से गरमाई राजनीति

अमित शाह के इस संबोधन में दिल्ली की विकास परियोजनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति भी केंद्र में रही। एक ओर उन्होंने यमुना की सफाई, सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाएं सामने रखीं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। अब इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन, यमुना के प्रदूषण में वास्तविक कमी और नागरिक सुविधाओं में सुधार पर नजर रहेगी। सरकार ने मई 2029 तक नदी को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की सफलता का आकलन परियोजनाओं की प्रगति और नदी के पानी की गुणवत्ता में होने वाले बदलाव से किया जा सकेगा।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम