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दलेर मेहंदी के समर्थन में FWICE, पीएम मोदी को लिखा पत्र; सुबोध उनियाल के व्यवहार पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली: उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मनोरंजन जगत की कई हस्तियों के बाद अब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज. . .

नई दिल्ली: उत्तराखंड के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाए जाने का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मनोरंजन जगत की कई हस्तियों के बाद अब फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) भी गायक के समर्थन में उतर आया है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। साथ ही, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कलाकारों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने की मांग की है।

पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग, मुख्यमंत्री धामी को भी भेजी चिट्ठी

FWICE ने अपने पत्र में कहा है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी कलाकार के साथ व्यवहार करते समय उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। संगठन के मुताबिक, यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति या स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता है, तो उसे सार्वजनिक रूप से फटकारने के बजाय निजी बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया है कि वह इस मामले पर ध्यान दें और जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों को कलाकारों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने की सलाह दें। FWICE ने अपने पत्र की एक प्रति उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी भेजी है।

दलेर मेहंदी की सेहत का हवाला, संवेदनशीलता बरतने की अपील

FWICE ने अपने पत्र में दलेर मेहंदी की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और हाल ही में हुई सर्जरी से उबरने का उल्लेख किया है। संगठन का कहना है कि किसी कलाकार की शारीरिक स्थिति को देखकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। पत्र के मुताबिक, यदि किसी कलाकार की सेहत को लेकर कोई सवाल या चिंता है, तो उसे सहानुभूति और पेशेवर तरीके से संभालना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की स्थिति का आकलन करते समय तथ्यों और परिस्थितियों को समझना जरूरी है। दलेर मेहंदी की जीवनशैली को लेकर भी FWICE ने अपनी बात रखी है। संगठन ने पत्र में उल्लेख किया कि गायक शराब का सेवन नहीं करते हैं और उनकी स्थिति को लेकर किसी भी तरह की धारणा बनाने से पहले वास्तविक परिस्थितियों पर विचार किया जाना चाहिए।

FWICE ने बताया भारतीय संगीत का प्रतिष्ठित नाम

संगठन ने दलेर मेहंदी के संगीत जगत में योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें भारतीय संगीत का एक प्रतिष्ठित कलाकार बताया। उनके गानों और मंचीय प्रस्तुतियों ने लंबे समय से श्रोताओं के बीच लोकप्रियता हासिल की है। FWICE के मुताबिक, इतने वरिष्ठ कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर हुए व्यवहार से मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों को दुख पहुंचा है। संगठन का मानना है कि कलाकारों की प्रतिष्ठा और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर तब जब वे किसी सार्वजनिक या सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे हों।

आखिर कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?

यह मामला उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में रविवार रात आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान सामने आया। उत्तराखंड सरकार की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति को लेकर नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री के व्यवहार का मामला सामने आने के बाद यह विवाद चर्चा में आ गया। घटना के बाद मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया और सार्वजनिक मंचों पर कलाकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

राजपाल यादव से लेकर अनुपम खेर तक, कलाकारों ने जताया समर्थन

दलेर मेहंदी के समर्थन में राजपाल यादव, अनुपम खेर, कपिल शर्मा और बादशाह जैसे कलाकारों के नाम भी सामने आए हैं। इन प्रतिक्रियाओं के बाद मामला केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कलाकारों के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में उनके साथ होने वाले व्यवहार को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। FWICE के हस्तक्षेप से इस विवाद को संस्थागत समर्थन भी मिला है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि किसी कार्यक्रम में व्यवस्था या प्रस्तुति को लेकर आपत्ति हो सकती है, लेकिन उसे व्यक्त करने का तरीका मर्यादित और संवेदनशील होना चाहिए।

कलाकारों के सम्मान पर छिड़ी बहस

दलेर मेहंदी से जुड़ा यह विवाद अब कलाकारों की गरिमा, सार्वजनिक मंचों पर जनप्रतिनिधियों के व्यवहार और सांस्कृतिक आयोजनों में पेशेवर शिष्टाचार जैसे मुद्दों को सामने ला रहा है। FWICE ने प्रधानमंत्री से मामले पर ध्यान देने की अपील करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों को अधिक समझदारी और संवेदनशीलता के साथ संभाला जाएगा। अब इस मामले में सरकार या संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

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