यूनिवर्स टीवी डेस्क । आपने तरह-तरह की शादियों के बारे में सुना होगा, लेकिन उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में ऐसी शादी हुई है, जिसके बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। बहराइज के कैसरगंज इलाके में दो भाइयों ने अपनी 85 साल की बुजुर्ग मां की इच्छा पूरी करने के लिए कुएं और बगिया की आपस में शादी कराई। शादी भी ऐसी-वैसी नहीं, बल्कि बाकायदा बैंड-बाजे वाली 200 लोगों की बारात के साथ 1,500 लोगों की मौजूदगी में कुएं के सात फेरे अग्नि को साक्षी मानकर बगिया के साथ कराए गए। आइए आपको इस अनूठी शादी के बारे में बताते हैं।
लाखों रुपये हुए खर्च, बाकायदा कार्ड भी बांटे
कैसरगंज इलाके के कड़सर बिटौरा गांव निवासी अखिलेश सिंह और अमरेश बहादुर सिंह राठौर की 85 वर्षीय मां किशोरी देवी कुएं और बगिया की शादी कराना चाहती थी। मां की इच्छा पूरी करने के लिए दोनों ने इस अनूठी शादी के लिए पूरा इंतजाम किया। पंडित से 13 मार्च का शुभ मुहूर्त निकलवाया गया। इसके बाद सामान्य शादी की तरह ही कुएं और बगिया के पाणिग्रह संस्कार के वेडिंग कार्ड प्रिंट कराकर आसपास के गांवों में न्योते भेजे गए।
लकड़ी की मूर्तियों को कुआं और बगिया मानकर कराए फेरे
कुएं और बगिया के फेरे कैसे कराए जाएं, इस समस्या का हल दोनों की प्रतीकात्मक मूर्तियां लकड़ी से बनवाकर निकलवाया गया। इसके बाद 13 मार्च के भव्य पंडाल सजाकर भोज का आयोजन किया गया। दर्जन भर कारों में 200 से ज्यादा बारातियों के साथ बैंड-बाजे की धुनों पर कुएं की बारात निकाली गई। कारों पर ‘कुएं संग बगिया’ वाले शादी के बैनर भी लगाए गए। बाराती नाचते-गाते विवाह स्थल पर पहुंचे, जहां कुएं और बगिया की मूर्तियों के फेरे कराए गए। इसके बाद विदाई की रस्म और दुल्हन के स्वागत वाली द्वारपूजन की रस्म भी पूरी की गई। इस दौरान महिलाओं ने आम शादियों की तरह ही मंगल गीत भी गाए। इस अनूठी शादी में शामिल होने के लिए एसडीएम कैसरगंज महेश कैथल, ब्लॉक प्रमुख संदीप सिंह विसेन, कैसरगंज क्षेत्र के भाजपा नेता डॉ. अरविंद सिंह आदि समेत कई हस्तियां भी पहुंचीं।
Comments are closed.