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पश्चिम बंगाल में आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, SIR के बाद ड्राफ्ट रोल में 58 लाख नाम कटे थे, जानें चुनाव की तारीखों का कब हो सकता है एलान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चिन्हित तार्किक विसंगति (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके साथ ही शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने का. . .

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चिन्हित तार्किक विसंगति (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) से जुड़े मामलों की सुनवाई प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके साथ ही शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
पुनरीक्षण अभ्यास के दौरान मृत, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं समेत 58 लाख से अधिक नाम हटाने योग्य पाए गए थे। उन्हें दिसंबर में जारी प्रारूप सूची से बाहर कर दिया गया था। अब जारी होने वाली अद्यतन सूची में सत्यापित मतदाताओं के नामों के साथ दो नई श्रेणियां – ‘न्यायिक प्रक्रियाधीन’ और ‘हटाए गए’ भी शामिल होंगी।

नई श्रेणियों में किन मतदाताओं के नाम होंगे शामिल?

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि न्यायिक प्रक्रियाधीन श्रेणी में उन मतदाताओं के नाम होंगे, जिनके पहचान दस्तावेजों का परीक्षण, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नियुक्त न्यायिक अधिकारियों की ओर से जारी रहेगा। अंतिम मतदाता सूची में ऐसे मतदाताओं को इसी श्रेणी में दर्शाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम न्यायिक प्रक्रिया के दौरान स्वीकृत हो जाएंगे, उनके लिए पूरक सूचियां समय-समय पर प्रकाशित की जाएंगी। अंतिम सूची की तीसरी श्रेणी ‘डिलीटेड’ होगी, जिसमें नवंबर से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे।

एसआईआर के दौरान हटाए गए थे 58 लाख से ज्यादा नाम

सीईओ कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक अंतिम मतदाता सूची में इन तीन श्रेणियों को शामिल करने का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और मतदाताओं को उनकी स्थिति से अवगत कराना है। हालांकि आयोग ने अभी तक उन कई मतदाताओं पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है, जिन्हें ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ श्रेणी में रखा गया है। इन मामलों में ‘प्रोजेनी मैपिंग’ के दौरान पारिवारिक विवरण में असामान्य डेटा पाया गया था।
एसआईआर की घोषणा के समय राज्य में कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे। इनमें से 58 लाख से अधिक नाम मृत, अनुपस्थित, डुप्लीकेट या लापता होने के कारण हटाए गए। दिसंबर में प्रकाशित प्रारूप सूची में मतदाताओं की संख्या 7.08 करोड़ दर्ज की गई थी।

अप्रैल में हो सकते हैं चुनाव

चार राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल व केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा के चुनाव अप्रैल में हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा मार्च के दूसरे सप्ताह में कर सकता है। असम में इस बार एक चरण में चुनाव होने की उम्मीद है।

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