नई दिल्ली । : साल की शुरुआत में ही भारत को बड़ा झटका लगा है। जिस स्पेस मिशन का कई दिनों से इंतजार हो रहा था, उसके फेल होने की संभावना जताई जा रही है। इसरो चीफ ने खुद सामने आकर बताया है कि स्टेज-3 के बाद से सैटेलाइट से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए फिलहाल विस्तृत जांच की जा रही है।
तीसरे फेज के अंतिम समय देखी गई गड़बड़ी- ISRO चीफ
इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि PS3 फेज के आखिर में लॉन्च व्हीकल में ज्यादा गड़बड़ी देखी गई, जिसके बाद फ्लाइट पाथ में बदलाव का पता चला। उन्होंने आगे कहा कि इसरो डेटा का एनालिसिस कर रहा है और जल्द ही और डिटेल्स शेयर करेगा।
PSLV-C62 मिशन लॉन्च
इसरो के आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) से PSLV-C62/EOS-N1 मिशन लॉन्च हुआ। PSLV-C62 अपने साथ EOS-N1 और 15 को-पैसेंजर सैटेलाइट ले गया है। EOS-N1 और 14 को-पैसेंजर को सन सिंक्रोनस ऑर्बिट में डालने की योजना है। KID कैप्सूल को री-एंट्री ट्रेजेक्टरी के लिए प्लान किया गया है।
एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन में मिलेगी मदद
इस रॉकेट के जरिए एक एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 (कोड-नेम ‘अन्वेषा’) लॉन्च की जाएगी, जो अंतरिक्ष से होने वाली भारतीय निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगी। इस मिशन की एक खासियत यह भी है कि मुख्य पेलोड EOS-N1 के अलावा, PSLV एक यूरोपीय डेमोंस्ट्रेटर सैटेलाइट के साथ भारतीय और विदेशी एजेंसियों के 15 दूसरे सैटेलाइट भी लेकर जाने वाला है।