मुंबई/कोटा: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले में राजस्थान की कोटा पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के इशारे पर इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन संदिग्ध शूटरों को कोटा रेलवे स्टेशन से धर दबोचा गया है। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है, जो वारदात के बाद ट्रेन के जरिए राजस्थान भाग रहे थे। इस पूरे मामले को लेकर एसपी तेजस्विनी गौतम 1 बजे खुलासा करेंगी. रविवार शाम को बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस सनसनीखेज हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि गोली लगने से उनका ड्राइवर घायल हो गया है. घायल चालक को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. घटना के तुरंत बाद कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने एक ऑडियो जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
क्या है पूरा मामला?
रविवार शाम बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ अपनी कार से जुहू स्थित एक फुटबॉल ग्राउंड के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस जानलेवा हमले में टाइगर श्रॉफ तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर चलाई गई गोलियों की चपेट में आकर उनका ड्राइवर फिरदौस गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल चालक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस सनसनीखेज वारदात के कुछ ही देर बाद कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया और एक ऑडियो के जरिए इस हमले की पूरी जिम्मेदारी ले ली, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
पुणे-जयपुर ट्रेन से ऐसे धरे गए आरोपी
मुंबई पुलिस से मिले अर्लट के बाद राजस्थान की कोटा सिटी पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर ट्रेनों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
- ट्रेन का रूट और नंबर: आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचे और मुंबई के वसई रोड से ट्रेन नंबर 12939 (पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस) के जनरल डिब्बे में सवार होकर जयपुर की ओर फरार हो रहे थे।
- फिल्मी स्टाइल में ऑपरेशन: कोटा पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने सतर्कता दिखाते हुए रामगंज मंडी स्टेशन से ही ट्रेन में मोर्चा संभाल लिया था। जैसे ही ट्रेन सुबह करीब 10:00 बजे कोटा जंक्शन पहुंची, सुरक्षाबलों ने पूरी ट्रेन को घेरकर तीनों संदिग्धों को दबोच लिया।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए तीनों बदमाशों में से दो आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला है जो लंबे समय से महाराष्ट्र में ही रह रहा था। खास बात यह है कि इस हाई-प्रोफाइल साजिश में शामिल शूटरों में एक नाबालिग भी है। इस पूरे सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में कोटा पुलिस और जीआरपी के करीब 15 तेज-तर्रार अधिकारी व जवान शामिल थे।
एसपी तेजस्विनी गौतम करेंगी बड़ा खुलासा
गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्धों को कोटा पुलिस लाइन लाया गया है, जहां कोटा सिटी पुलिस अधीक्षक (एसपी) तेजस्विनी गौतम खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं। आला अधिकारियों द्वारा तीनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे लॉरेंस गैंग का कौन सा मास्टरमाइंड था और इन्हें स्थानीय स्तर पर कौन मदद मुहैया करा रहा था।
विशेष टीम भी कोटा के लिए रवाना
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम भी कोटा के लिए रवाना हो गई है, जो आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लेकर आएगी। दोपहर 1 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।