बिहार में पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति की हत्या करने के मामले में उसके पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय ) विद्या प्रसाद की अदालत ने पिता की हत्या के आरोपी पुत्र को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया है।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। कारागार में पूर्व से बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। यह मामला जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ध्रुव पकड़ी गांव का है। मृतक लालजी पंडित की हत्या के आरोप में उनके पुत्र ललन पंडित को सजा सुनाई गई है। इस संबंध में मृतक की पत्नी महादेवी देवी ने वर्ष 2023 में कल्याणपुर थाना कांड संख्या 288/2023 दर्ज कराई थी, जिसमें अपने पुत्र सहित तीन लोगों को नामजद किया था। प्राथमिकी के अनुसार, मृतक की पेंशन राशि को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था। आरोप है कि पुत्र ललन पंडित पेंशन की रकम अपने नाम कराने के लिए लगातार दबाव बना रहा था।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 16 अगस्त 2023 की रात जब मृतक लालजी पंडित अपनी पत्नी के साथ सो रहे थे, उसी दौरान आरोपी पुत्र छत के रास्ते घर में घुसा और सोए हुए पिता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अनुसंधान के बाद आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया। सत्रवाद संख्या 52/2024 के विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक सुदामा बैठा ने सात गवाहों को प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी ललन पंडित को दोषी पाते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है।