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सिवान ब्लास्ट में 5 लोगों की मौत से दहला आलमपुर, एक दर्जन घरों में बनते थे पटाखे; अमरुद्दीन के घर पहले भी हुआ था हादसा

बिहार के सिवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखों में आग लगने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत होने की खबर. . .

सिवान: बिहार के सिवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखों में आग लगने के बाद हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में पांच लोगों की मौत होने की खबर है। विस्फोट इतना जोरदार था कि दो मंजिला मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर गिर गया। आग लगने के बाद करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे, जिससे राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पुलिस, दमकलकर्मी, स्वास्थ्य विभाग की टीम और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 14 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। वहीं, हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने जामो बाजार थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पटाखा निर्माण के लिए जाना जाता है आलमपुर गांव

आलमपुर गांव में पटाखा निर्माण का काम लंबे समय से होता रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के करीब एक दर्जन घरों में पटाखे बनाए जाते हैं। शादी-विवाह, दीपावली, छठ और अन्य मांगलिक आयोजनों के लिए यहां दूर-दराज के लोग पटाखों के ऑर्डर देने पहुंचते थे। स्थानीय स्तर पर पटाखों की मांग के कारण यह काम कई घरों में किया जाता था। हालांकि, शुक्रवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अब जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित मकान में पटाखों का निर्माण और भंडारण किस तरह किया जा रहा था और इसके लिए जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

अमरुद्दीन के मकान में आग के बाद लगातार हुए धमाके

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम मोहम्मद अमरुद्दीन के दो मंजिला पक्के मकान में पटाखों में आग लग गई। इसके बाद एक के बाद एक जोरदार विस्फोट होने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग आसपास के उन मकानों तक भी फैल गई, जहां पटाखे बनाए जाते थे। धमाकों की आवाज देर शाम तक सुनाई देती रही। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया। लगातार धमाकों के कारण दमकलकर्मियों और राहत-बचाव दल को घटनास्थल पर काम करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। विस्फोट के बाद आसपास के घरों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए, जिससे पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

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हादसे से करीब दो घंटे पहले बाजार गए थे अमरुद्दीन

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे से लगभग दो घंटे पहले अमरुद्दीन बाइक से बड़हरिया बाजार पहुंचे थे। वहां उन्होंने एक ऑटो रिक्शा रुकवाया और कुछ बातचीत करने के बाद वापस अपने घर लौट गए। जिस मकान में विस्फोट हुआ, उसमें अमरुद्दीन और उनके बेटे का परिवार रहता था। घटना के बाद परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों की स्थिति को लेकर चिंता बनी रही। हालांकि, अमरुद्दीन के बाजार जाने और विस्फोट के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

अमरुद्दीन के परिवार पर पहले भी टूट चुका है दुखों का पहाड़

स्थानीय जानकारी के अनुसार, अमरुद्दीन के परिवार को इससे पहले भी गंभीर घटनाओं का सामना करना पड़ा था। बताया जाता है कि वर्ष 2003 में उनके एक बेटे की पटाखा बनाने के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा, उनके बड़े बेटे आजाद आलम की वर्ष 2024 में हत्या कर दी गई थी। आजाद का शव जीबी नगर थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के चंवर से बरामद हुआ था। उस मामले में हत्या के कारणों को लेकर चर्चाएं हुई थीं। इस पुराने घटनाक्रम और मौजूदा विस्फोट के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, शुक्रवार को हुए हादसे के कारणों और उससे जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

मेडिकल टीम ने पहले तीन मौतों की पुष्टि की थी

हादसे के बाद सिवान के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया था कि मेडिकल टीम ने घटनास्थल पर तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम लगातार जांच कर रही है और आगे की जानकारी मिलने पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। बाद में सामने आई जानकारी में मृतकों की संख्या पांच बताई गई। विस्फोट के कारण शवों के क्षत-विक्षत होने की वजह से पहचान करने में भी परेशानी होने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और हादसे से प्रभावित लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

मौके पर पहुंचे डीएम, एसपी और एसडीएम; राहत-बचाव अभियान जारी

विस्फोट की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी और सदर एसडीएम आशुतोष गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे। सिविल सर्जन समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने मकान में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग बुझाने के साथ मलबे से शवों को निकालने और प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने का काम किया गया। कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर तैनात रही। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 14 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। इसके अलावा, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम और संबंधित एजेंसियों की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कराई माइकिंग

विस्फोट की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग आलमपुर पहुंचने लगे। लोग अपने परिजनों की कुशलक्षेम जानने और हादसे में प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए घटनास्थल पर जुट गए। भीड़ बढ़ने से राहत और बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका के बीच पुलिस ने शाम करीब 7:45 बजे माइकिंग कराई। लोगों से घटनास्थल से हटने और अपने घर लौटने की अपील की गई, ताकि बचाव दल को काम करने में परेशानी न हो।

थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित, विशेष टीम करेगी जांच

आलमपुर विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने जामो बाजार थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को थाना स्तर पर लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए महाराजगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई है। टीम विस्फोट के कारणों, पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े तथ्यों तथा संभावित लापरवाही की जांच करेगी।

रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

आलमपुर में हुए इस भीषण हादसे ने रिहायशी इलाकों में पटाखा निर्माण और भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में कई घरों में पटाखे बनाए जाते हैं। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि इन गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं और सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया जा रहा था। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस की टीमें हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। जांच के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों और संभावित जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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