ADVERTISEMENT
Home » देश » बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर मतगणना जारी, CCTV विवाद में धरने पर बैठे कांग्रेस प्रत्याशी; अनंत सिंह की साख भी दांव पर

बिहार MLC चुनाव: 8 सीटों पर मतगणना जारी, CCTV विवाद में धरने पर बैठे कांग्रेस प्रत्याशी; अनंत सिंह की साख भी दांव पर

बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए मतगणना जारी है। चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों का उम्मीदवारों को बेसब्री से इंतजार है। इस बीच पटना में मतगणना. . .

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों पर टिकी नजरें, 150 उम्मीदवारों की किस्मत का होगा फैसला; पटना में मतगणना केंद्र पर पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल

पटना। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए मतगणना जारी है। चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों का उम्मीदवारों को बेसब्री से इंतजार है। इस बीच पटना में मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी संजय यादव धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से मामले में गंभीरता दिखाने की मांग की है। दूसरी ओर, पटना स्नातक सीट के चुनाव ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के निष्कासित विधायक अनंत सिंह की भूमिका और पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के प्रदर्शन पर भी सबकी नजर है। चुनाव के नतीजे न केवल उम्मीदवारों की राजनीतिक स्थिति तय करेंगे, बल्कि बिहार की सियासत में नए समीकरणों के संकेत भी दे सकते हैं।

CCTV विवाद पर धरने पर बैठे कांग्रेस प्रत्याशी

पटना के मतगणना केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी संजय यादव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि निगरानी व्यवस्था की कमी से मतगणना की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसी मुद्दे को लेकर वह धरने पर बैठ गए। मौके पर मौजूद अधिकारी उन्हें समझाने और स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पांच सदस्यीय टीम ने चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की थी। पार्टी नेताओं ने मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका दूर करने की मांग की थी। इस संबंध में आयोग को मांग पत्र भी सौंपा गया था। मतगणना केंद्र पर उठे इन सवालों के बीच प्रशासन के सामने प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखने की चुनौती है। हालांकि, सीसीटीवी व्यवस्था में कथित कमी को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

ADVERTISEMENT

अनंत सिंह की सियासी साख दांव पर, नीरज कुमार के नतीजे पर नजर

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला इस बार राजनीतिक कारणों से भी चर्चा में है। जदयू ने अपने आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करने के आरोप में विधायक अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अनंत सिंह की इस भूमिका ने जदयू के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया। अब पटना स्नातक सीट के नतीजे से यह पता चलेगा कि नीरज कुमार अपनी सीट बचाने में कितना सफल रहते हैं और इस चुनाव में अनुज सिंह का प्रदर्शन कैसा रहता है। अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर भी राजनीतिक चर्चा जारी है। हालांकि, उनकी विधायकी पर कोई अंतिम फैसला संबंधित कानूनी और विधानसभा प्रक्रिया के तहत ही होगा। विधान परिषद चुनाव का परिणाम अपने आप उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त नहीं करता। इसके अलावा, अनंत सिंह से जुड़े एक अन्य आपराधिक मामले की सुनवाई 30 अक्टूबर को प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले में आगे की स्थिति अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

पटना स्नातक सीट पर 87,583 मतदाता

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 87,583 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 66,462 पुरुष, 21,117 महिलाएं और चार अन्य मतदाता शामिल हैं। वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में जदयू के नीरज कुमार ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने राजद के आजाद गांधी को 8,252 मतों के अंतर से हराया था। नीरज कुमार को उस चुनाव में 20,948 वोट मिले थे। इस बार मुकाबले में नीरज कुमार के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के प्रदर्शन पर भी निगाहें टिकी हैं।

पांच जिलों में मतगणना, पटना में अलग-अलग टेबलों पर गिनती

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और सारण में निर्धारित केंद्रों पर मतगणना की व्यवस्था की गई है। पटना में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कराई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, स्नातक सीट के लिए 14 और शिक्षक सीट के लिए सात टेबल लगाए गए हैं। चूंकि चुनाव में मतपत्रों के जरिए मतदान हुआ है, इसलिए मतगणना में समय लग सकता है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे पहले और उसके बाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे आने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वास्तविक समय मतगणना की प्रगति और चुनाव अधिकारियों की घोषणा पर निर्भर करेगा।

शिक्षक सीटों पर 82.85%, स्नातक सीटों पर 53.42% मतदान

विधान परिषद की आठ सीटों के लिए हुए चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान:

  • पटना: 57.56 प्रतिशत
  • तिरहुत: 48.51 प्रतिशत
  • दरभंगा: 54.73 प्रतिशत
  • कोसी: 54.73 प्रतिशत

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान:

  • सारण: 89.05 प्रतिशत
  • दरभंगा: 85.87 प्रतिशत
  • तिरहुत: 82.99 प्रतिशत
  • पटना: 74.75 प्रतिशत

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक मतदान सारण में दर्ज किया गया। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना में सबसे अधिक मतदान होने की जानकारी सामने आई है।

150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

आठ सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 प्रत्याशी शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 98 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के दौरान आठ नामांकन पत्र खारिज हुए और किसी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। इस तरह 90 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रहे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 66 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें चार नामांकन पत्र खारिज हुए और दो उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद 60 प्रत्याशी मैदान में रह गए। अब मतगणना के साथ इन सभी उम्मीदवारों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा।

नतीजों पर बिहार की राजनीति की नजर

बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजे कई कारणों से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक तरफ उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का सवाल है, तो दूसरी तरफ पटना में मतगणना की पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल चर्चा में हैं। वहीं, नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबले ने अनंत सिंह की भूमिका को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल, मतगणना जारी है और अंतिम परिणामों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। उम्मीदवारों की जीत-हार की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद ही इन चुनावों के राजनीतिक असर का आकलन किया जा सकेगा। प्रकाशन से पहले जरूरी तथ्य-जांच: मतगणना की मौजूदा स्थिति, सीसीटीवी को लेकर प्रशासन का पक्ष, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता संबंधी कानूनी स्थिति और 30 अक्टूबर की सुनवाई की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से कर लें। विशेष रूप से, विधान परिषद चुनाव का परिणाम अपने आप किसी विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त नहीं करता।

Web Stories
 
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम