गुवाहाटी: असम के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास को वैश्विक पटल पर एक और बड़ी पहचान मिलने जा रही है। अहोम राजवंश की ऐतिहासिक राजधानी रहे ‘रंगपुर-शिवसागर एन्सेम्बल’ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची (UNESCO World Heritage Site) में शामिल कराने के लिए भारत सरकार ने औपचारिक रूप से नामांकन प्रस्तुत कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को इसकी जानकारी साझा की।
पेरिस में औपचारिक नामांकन प्रस्तुत
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने सोशल मीडिया पर बताया कि पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने 19 जून, 2026 को यह डोजियर औपचारिक रूप से सौंपा। भारत ने यह दावा यूनेस्को के निर्धारित सांस्कृतिक मानदंड (iii) और (iv) के तहत पेश किया है, जो किसी सभ्यता की असाधारण वास्तुकला, तकनीकी कुशलता और ऐतिहासिक महत्व को प्रमाणित करते हैं।
छह शताब्दियों के शौर्य और वास्तुकला का प्रतीक
अहोम राजवंश ने ब्रह्मपुत्र घाटी पर लगभग 600 वर्षों (1228-1826 ईस्वी) तक अविचल शासन किया। रंगपुर-शिवसागर क्षेत्र उस काल की प्रशासनिक और सांस्कृतिक राजधानी रहा है।
- रंगघर (Rang Ghar): यह दो मंजिला शाही मंडप एशिया के सबसे पुराने जीवित एम्फीथिएटरों (Amphitheatres) में गिना जाता है, जहां से तत्कालीन राजा पारंपरिक खेलों और उत्सवों का अवलोकन करते थे।
- कारेंगघर (Kareng Ghar): अहोम वास्तुकला और सैन्य कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वाला यह एक बहुमंजिला महल है।
- मंदिर और विशाल जलाशय: शिवदोल, देवीदोल, विष्णुपोल और मानव-निर्मित विशाल तालाब जैसे ‘शिवसागर पुखुरी’ तत्कालीन इंजीनियरिंग, जल प्रबंधन और स्थापत्य कला के अद्वितीय नमूने हैं।
चराइदेव के बाद एक और बड़ी उपलब्धि की तैयारी
वर्ष 2024 में अहोम साम्राज्य के टीलों वाले शाही कब्रिस्तान ‘चराइदेव के मैदाम’ (Charaideo Moidams) को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि यदि चराइदेव अहोम राजाओं की आध्यात्मिक स्मृतियों और अंत्येष्टि परंपराओं को संजोता है, तो शिवसागर उनके राजनीतिक उत्कर्ष, शासन और गौरवगाथा का केंद्र रहा है। ये दोनों स्थल मिलकर अहोम सभ्यता के संपूर्ण इतिहास को दुनिया के सामने रखते हैं।
प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाने और इस नामांकन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राज्य की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।