ADVERTISEMENT
Home » उत्तर प्रदेश » योगी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर, नोएडा की चार औद्योगिक परियोजनाओं में 1,709.84 करोड़ का निवेश

योगी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर, नोएडा की चार औद्योगिक परियोजनाओं में 1,709.84 करोड़ का निवेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन क्षेत्र को मजबूत. . .

नोएडा/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और प्रदेश में जल परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। कैबिनेट ने गौतमबुद्ध नगर की चार औद्योगिक परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने की स्वीकृति भी दी। इन परियोजनाओं के तहत कुल 1,709.84 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। सरकार का जोर प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है। पशुधन क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने, पशु उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

नोएडा की चार औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने गौतमबुद्ध नगर में चार औद्योगिक परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल 1,709.84 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

प्रस्तावित निवेश का विवरण इस प्रकार है:

ADVERTISEMENT
  • हैवेल्स इंडिया लिमिटेड: 879 करोड़ रुपये।
  • एलजी सॉफ्ट: 634 करोड़ रुपये।
  • अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी: 112.84 करोड़ रुपये।
  • मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशंस सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड: 84 करोड़ रुपये।

इन चार परियोजनाओं में से दो नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) क्षेत्र में प्रस्तावित हैं, जबकि बाकी दो परियोजनाएं निजी भूमि पर स्थापित की जाएंगी। सरकार को उम्मीद है कि इन निवेश प्रस्तावों से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को मजबूती मिलेगी।

पशुपालन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

कैबिनेट बैठक में पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल पर चर्चा की गई। सरकार पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, उन्नत नस्लों को प्रोत्साहित करने, पशुपालन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने और पशु उत्पादों के लिए संगठित बाजार व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रस्तावित उपायों का उद्देश्य किसानों को कृषि के साथ अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन करना है। बैठक में स्टेट लैब स्टार्ट मिशन के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया। इसके तहत रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और पशुपालन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा।

दूध उत्पादन बढ़ाने और नस्ल सुधार की योजना

उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा प्रदेश अंडा, ऊन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, इन क्षेत्रों में उत्पादन के साथ-साथ मूल्य संवर्धन, बेहतर विपणन और डिजिटल प्रबंधन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सरकार की योजना उन्नत नस्ल के पशुओं को प्रोत्साहित करने और गायों की नस्ल सुधारने की है। इसके साथ ही दूध उत्पादन बढ़ाकर प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुर्गी पालन और बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि इन गतिविधियों से छोटे और सीमांत किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पशुपालन से जुड़े व्यवसायों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में अंतर्देशीय जलयान नियम 2026 लागू

कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसलों में उत्तर प्रदेश इनलैंड वेसल्स रूल्स, 2026 यानी उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियम, 2026 भी शामिल हैं। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन नियमों को लागू किए जाने की जानकारी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इससे पहले प्रदेश के जलमार्गों में जहाजों और नावों के संचालन के लिए इस तरह की विस्तृत नियमावली नहीं थी। नए नियमों के जरिए जलयानों के संचालन, पंजीकरण और प्रबंधन को व्यवस्थित किया जाएगा। मंत्री के मुताबिक, नियमों के तहत जलयानों को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में मशीनीकृत जलयान शामिल हैं, जिनमें इंजन से चलने वाले स्टीमर और बड़े जहाज आते हैं। दूसरी श्रेणी में गैर-मशीनीकृत जलयान शामिल हैं, जिनमें पारंपरिक रूप से स्थानीय स्तर पर बनाई जाने वाली नावें आती हैं। इनमें से कुछ नावों में अब मोटर भी लगाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दोनों श्रेणियों के जलयानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। इससे जल परिवहन व्यवस्था में नियमन और निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश के लिए बनेगा अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण

दयाशंकर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से स्थापित अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के लिए भी एक इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी का गठन किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन को व्यवस्थित करना और जलमार्गों के उपयोग को बेहतर बनाना है। नए नियमों और प्राधिकरण के माध्यम से जलयानों के पंजीकरण, संचालन तथा संबंधित गतिविधियों के लिए एक निर्धारित नियामक ढांचा विकसित किया जाएगा। सरकार के इस कदम को प्रदेश में जल परिवहन व्यवस्था को अधिक संगठित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवेश, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस

योगी कैबिनेट की बैठक में मंजूर किए गए 22 प्रस्ताव प्रदेश के औद्योगिक विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। एक ओर नोएडा में हजारों करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पशुपालन क्षेत्र में सुधार के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा अंतर्देशीय जलयान नियम, 2026 लागू होने से जल परिवहन के लिए नियामक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने, किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और प्रदेश में परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। आने वाले समय में इन फैसलों का वास्तविक प्रभाव संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन और योजनाओं के धरातल पर उतरने से स्पष्ट होगा।

मुख्य बातें एक नजर में:

  • उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी।
  • गौतमबुद्ध नगर की चार औद्योगिक परियोजनाओं में 1,709.84 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • पशुपालन, नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया।
  • मुर्गी पालन और बकरी पालन को प्रोत्साहित करने की योजना है।
  • उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियम, 2026 लागू किए गए।
  • मशीनीकृत और गैर-मशीनीकृत दोनों श्रेणियों के जलयानों का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • प्रदेश के लिए अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन की जानकारी दी गई।

Web Stories
 
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम