Home » बिहार » बिहार विधानसभा में लाठीचार्ज को लेकर जोरदार हंगामा: सीएम नीतीश और भाई वीरेंद्र आमने-सामने, ‘सरकार नहीं चलेगी’ पर सदन में गरमाया माहौल

बिहार विधानसभा में लाठीचार्ज को लेकर जोरदार हंगामा: सीएम नीतीश और भाई वीरेंद्र आमने-सामने, ‘सरकार नहीं चलेगी’ पर सदन में गरमाया माहौल

पटना। बिहार विधानसभा परिसर सोमवार को एक बार फिर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों, खासकर राजद विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी. . .

पटना। बिहार विधानसभा परिसर सोमवार को एक बार फिर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों, खासकर राजद विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा गेट के बाहर माहौल काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज बताया। सत्ता पक्ष ने प्रदर्शन को अनावश्यक हंगामा करार दिया।

लाठीचार्ज को लेकर सरकार पर हमला

विपक्ष का आरोप है कि एक दिन पहले चौकीदारों के प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया। राजद नेताओं ने इसे अलोकतांत्रिक और दमनात्मक कार्रवाई बताया।
उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग गलत है। नेताओं ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई गई। मामले को लेकर सदन के भीतर भी हंगामे के आसार हैं।

तीन डिसमिल जमीन की मांग पर जोर

प्रदर्शन के दौरान भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विपक्ष का कहना है कि राज्य में बड़ी संख्या में गरीब और दलित परिवार जमीन से वंचित हैं। उन्हें आवासीय जमीन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
राजद विधायकों ने इसे सामाजिक न्याय से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जमीन मिलने से गरीब परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। इस मांग को लेकर विपक्ष ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

सत्ता पक्ष का पलटवार

सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
सरकार ने दावा किया कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं हुआ है। सत्तापक्ष ने विपक्ष पर मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
विधानसभा के भीतर इस मुद्दे पर तीखी बहस की संभावना है। दोनों पक्षों के रुख से टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

आंदोलन और तेज करने के संकेत

विपक्ष ने साफ कहा है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और व्यापक होगा। तीन डिसमिल जमीन की मांग को लेकर जिलों में भी कार्यक्रम तय किए जा सकते हैं। राजद नेताओं ने इसे गरीबों के हक की लड़ाई बताया। आगामी दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है। सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर विपक्ष काम कर रहा है।बिहार की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले समय में और गरमा सकता है।

सीएम और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक

हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठे। उन्होंने राजद विधायक भाई वीरेंद्र से कहा, ‘आप बैठिए, आपकी संख्या कितनी कम है।’ सीएम ने यह भी कहा कि विपक्ष ने अपने कार्यकाल में कोई ठोस काम नहीं किया। इस पर विपक्षी विधायक और अधिक आक्रामक हो गए।

सदन में तेज हुई नोकझोंक

राजद विधायकों के हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी जवाब देने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ही नहीं चलेगी तो चौकीदारों और आम लोगों की समस्याएं कौन सुनेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपनी सीट से उठ गए और सीधे भाई वीरेंद्र की ओर मुखातिब होते हुए कहा, ‘हमलोग 2002 हैं, आपलोग कितने हैं, बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया।’ हालांकि एनडीए को इस बार 202 सीटें मिली हैं, लेकिन बोलते वक्त सीएम से 2002 कहने की जुबानी चूक हो गई, जिस पर सदन में हल्की हलचल भी हुई।

वेल में पहुंचे विधायक, मार्शल तैनात

सीएम के बयान के बाद राजद विधायक वेल की ओर बढ़ गए। ‘नीतीश होश में आओ’ के नारे लगाए गए। स्पीकर के बार-बार अनुरोध के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख मार्शलों को बुलाया गया। विधायकों की तख्तियां हटवाई गईं। काफी देर बाद विपक्ष अपनी सीटों पर लौटा।

सरकार का बचाव और विपक्ष का आरोप

विजय चौधरी ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शन को रोका नहीं। उन्होंने दावा किया कि मांगों पर विचार किया जाएगा। सत्ता पक्ष ने लाठीचार्ज को कानून-व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया। वहीं विपक्ष ने इसे दमनात्मक कार्रवाई करार दिया। राजद ने न्यायिक जांच की मांग दोहराई। दोनों पक्षों के रुख से टकराव और गहरा गया।

बजट सत्र में अन्य मुद्दे भी चर्चा में

हंगामे के बीच शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दे भी उठे। राज्य में डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव आया। शिक्षा मंत्री ने संबंधित संस्थानों को निर्देश देने की बात कही। स्कूलों में 40 करोड़ रुपये से सेनेट्री वेंडिंग मशीन लगाने की घोषणा हुई। इन मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा के बाद फिर सियासी बयानबाजी हावी रही। सदन का फोकस विकास से ज्यादा टकराव पर रहा।

अमित शाह के दौरे पर भी बयानबाजी

सत्र से पहले पोर्टिको में भी विपक्ष ने प्रदर्शन किया। अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने आ रहे हैं। पत्रकारों के सवाल पर वह भड़कते भी नजर आए। साफ है कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासत चरम पर है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम