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मक्का में फंसे बंगाल के 70 उमरा यात्री, वापसी की उड़ान रद्द होने से बढ़ी परेशानी; भारत सरकार से लगाई मदद की गुहार

सऊदी अरब के मक्का में पश्चिम बंगाल के करीब 70 उमरा यात्रियों की घर वापसी मुश्किल में पड़ गई है। वापसी की फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों को न तो वैकल्पिक टिकट मिल पा रहे हैं और न ही. . .

कोलकाता। सऊदी अरब के मक्का में पश्चिम बंगाल के करीब 70 उमरा यात्रियों की घर वापसी मुश्किल में पड़ गई है। वापसी की फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों को न तो वैकल्पिक टिकट मिल पा रहे हैं और न ही रद्द टिकटों का पूरा रिफंड मिलने की बात सामने आई है। आर्थिक संकट से जूझ रहे इन यात्रियों के सामने अब होटल का किराया और खाने-पीने का खर्च जुटाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। परेशान यात्रियों ने भारत सरकार से जल्द सुरक्षित स्वदेश वापसी की व्यवस्था करने की अपील की है।

9 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना हुआ था जत्था

मक्का से जारी एक वीडियो संदेश में अधिवक्ता अनीसुर रहमान ने बताया कि उनका समूह 9 अक्टूबर को एयर इंडिया की उड़ान से कोलकाता से दिल्ली होते हुए जेद्दा पहुंचा था। इसके बाद सभी लोग उमरा करने के लिए मक्का और मदीना गए थे। सोनारपुर के चौहाटी स्थित मदीना ट्रैवल्स के संचालक इमाम हुसैन के नेतृत्व में 33 यात्रियों का एक समूह गया था। इन यात्रियों की वापसी 23 अक्टूबर को जेद्दा से मुंबई होते हुए कोलकाता के लिए निर्धारित थी। लेकिन उड़ान रद्द होने के बाद से उनकी वापसी अधर में लटकी हुई है।

एक होटल में ठहरे हैं करीब 65 यात्री

यात्रियों के मुताबिक, मदीना ट्रैवल्स के समूह के साथ जमजम ट्रैवल्स से जुड़े करीब 32 से 35 अन्य यात्री भी उसी होटल में ठहरे हुए हैं। इस तरह लगभग 65 से 70 लोगों की घर वापसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मदीना ट्रैवल्स के संचालक का दावा है कि सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय यात्री फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने ट्रैवल जोन नामक एजेंसी के जरिए हवाई टिकट बुक कराए थे और उड़ानें प्रभावित होने के बाद वे भी मुश्किल में पड़ गए हैं। हालांकि, सऊदी अरब में फंसे कुल यात्रियों की संख्या को लेकर स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

टिकट के रिफंड को लेकर भी विवाद

अनीसुर रहमान के अनुसार, यात्रियों ने कोलकाता की ट्रैवल जोन एजेंसी से वापसी के टिकट प्राप्त किए थे। क्षेत्रीय युद्ध की स्थिति और विमान सेवाओं में व्यवधान के कारण उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई। इसके बाद वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करने की मांग की गई, लेकिन यात्रियों का आरोप है कि उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। यात्रियों का कहना है कि शुरुआत में रद्द टिकट के बदले 25 हजार रुपये लौटाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में 18 हजार रुपये रिफंड देने की जानकारी दी गई। उनका दावा है कि यदि यह राशि समय पर मिल जाती, तो वे दूसरी उड़ान का टिकट खरीदकर भारत लौटने की व्यवस्था कर सकते थे। आरोप है कि संबंधित एजेंसी की ओर से कहा गया कि विमान सेवाएं सामान्य होने के बाद ही टिकट को री-शेड्यूल करने या नए टिकट की व्यवस्था करने पर फैसला लिया जाएगा। सेवाएं कब सामान्य होंगी, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।

पैसे खत्म, होटल और खाने का खर्च जुटाना मुश्किल

मक्का में फंसे यात्रियों के सामने अब आर्थिक संकट गहराने लगा है। एक यात्री ने बताया कि उनके पास उपलब्ध पैसे लगभग खत्म हो चुके हैं। टिकट का रिफंड नहीं मिलने के कारण वे अपने खर्च पर नई उड़ान बुक करने की स्थिति में भी नहीं हैं। यात्रियों का आरोप है कि होटल का किराया चुकाने में परेशानी हो रही है और भुगतान नहीं कर पाने पर वहां ठहरना भी मुश्किल हो सकता है। भोजन और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने की चिंता ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।

भारत सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग

फंसे हुए यात्रियों ने केंद्र सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनकी मांग है कि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जाए और रद्द टिकटों के रिफंड से जुड़ी समस्या का भी जल्द समाधान कराया जाए। उमरा के लिए सऊदी अरब गए इन यात्रियों का कहना है कि वे आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। फिलहाल उनकी सबसे बड़ी चिंता सुरक्षित तरीके से अपने परिवारों के पास लौटना है। अब देखना होगा कि उनकी स्वदेश वापसी के लिए कब तक कोई ठोस व्यवस्था हो पाती है।

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