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माइक्रोसॉफ्ट का 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत के कर्मचारी भी शामिल, फैसले से मची हलचल

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की नई योजना शुरू की है। कंपनी के इस वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) के तहत दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी पात्र हो सकते. . .

AI पर अरबों डॉलर खर्च कर रही टेक कंपनी का बड़ा फैसला; अमेरिका, भारत, ब्रिटेन और कनाडा के चुनिंदा कर्मचारियों को मिलेगा स्वैच्छिक एग्जिट का विकल्प

नई दिल्ली। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की नई योजना शुरू की है। कंपनी के इस वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) के तहत दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी पात्र हो सकते हैं। इनमें भारत के कर्मचारी भी शामिल हैं। योजना के तहत नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले पात्र कर्मचारियों को आर्थिक सहायता और करियर संबंधी सेवाएं दी जाएंगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब माइक्रोसॉफ्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड सेवाओं और डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश कर रही है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह एक स्वैच्छिक योजना है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी खत्म होने जा रही है।

भारत समेत चार देशों में लागू होगी योजना

माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने 26 अक्टूबर को इस योजना की घोषणा की। कंपनी के आधिकारिक ब्लॉग के मुताबिक, यह ऑफर अमेरिका, भारत, ब्रिटेन और कनाडा में चुनिंदा संगठनों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा। इस योजना के लिए कंपनी के आंतरिक जॉब ग्रेड में लेवल 70 या उससे नीचे के कर्मचारी पात्र हो सकते हैं। हालांकि, सभी विभागों और टीमों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। पात्रता संबंधित कारोबार की जरूरतों, ग्राहकों के प्रति प्रतिबद्धताओं और कर्मचारियों की उपलब्धता के आधार पर तय होगी। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार कर्मचारी बताए जाते हैं। हालांकि, इनमें से कितने कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

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नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?

योजना का उद्देश्य उन कर्मचारियों को आर्थिक और पेशेवर सहायता देना है, जो माइक्रोसॉफ्ट से बाहर अपना करियर बनाने पर विचार कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पैकेज में ये सुविधाएं शामिल हो सकती हैं:

  • आर्थिक मुआवजा: कंपनी की सामान्य सेवरेंस व्यवस्था के समान भुगतान।
  • सेवा अवधि के आधार पर सहायता: भारत में कर्मचारियों के लिए हर पूरे किए गए सेवा वर्ष के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
  • हेल्थ इंश्योरेंस: पात्र कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी सहायता।
  • करियर ट्रांजिशन: कंपनी से बाहर नई नौकरी या करियर की योजना बनाने में मदद।

इन शर्तों और लाभों की अंतिम पुष्टि प्रत्येक पात्र कर्मचारी को भेजे जाने वाले व्यक्तिगत ऑफर से होगी।

1 दिसंबर तक फैसला लेने का मौका

रिपोर्टों के अनुसार, भारत में पात्र कर्मचारियों को इस ऑफर पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया गया है। योजना से जुड़ी विस्तृत शर्तें कर्मचारियों को ईमेल के जरिए भेजी जाएंगी। यह योजना अनिवार्य नहीं है। कर्मचारी अपनी परिस्थितियों और ऑफर की शर्तों के आधार पर इसे स्वीकार करने या कंपनी में बने रहने का निर्णय ले सकते हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अलग-अलग टीमों के लिए योजना की उपलब्धता अलग हो सकती है।

AI में भारी निवेश के बीच क्यों लिया फैसला?

माइक्रोसॉफ्ट तेजी से AI सेवाओं का विस्तार कर रही है। इसके लिए कंपनी को डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। स्वैच्छिक एग्जिट जैसी योजनाओं से कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या और खर्च में बदलाव करने का विकल्प मिलता है। इससे वे बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुसार अपने संसाधनों का पुनर्गठन कर सकती हैं। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने इस योजना को केवल AI निवेश के लिए खर्च घटाने की कार्रवाई के रूप में पेश नहीं किया है। कंपनी के आधिकारिक बयान में बदलती जरूरतों के अनुसार कार्यबल में लचीलापन लाने और कर्मचारियों को करियर का अगला कदम चुनने में सहायता देने पर जोर दिया गया है।

भारत में 20.5 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता

एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प दे रही है, वहीं दूसरी तरफ भारत में अपने कारोबार और तकनीकी ढांचे के विस्तार की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी ने 2025 से 2029 के बीच भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल ट्रेनिंग तथा ऑपरेशंस से जुड़े क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को AI से जुड़ी स्किल सिखाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि वह कर्मचारियों को नई क्षमताएं विकसित करने और उपयुक्त अवसर मिलने पर कंपनी के भीतर दूसरे पदों पर जाने में भी मदद करती रहेगी।

क्या 60 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाएगी?

इस योजना को लेकर सबसे अहम बात यह है कि करीब 60 हजार कर्मचारियों का पात्र होना और इतने ही कर्मचारियों का नौकरी छोड़ना दो अलग-अलग बातें हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने यह नहीं बताया है कि कितने कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करेंगे। योजना चुनिंदा टीमों के लिए है और इसका लाभ लेना कर्मचारियों की इच्छा पर निर्भर करेगा। फिलहाल कंपनी के इस फैसले से यह स्पष्ट है कि माइक्रोसॉफ्ट अपने कार्यबल को बदलती कारोबारी जरूरतों के अनुरूप ढालने का विकल्प अपना रही है। AI में बढ़ते निवेश के बीच इस योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने कर्मचारी इसे स्वीकार करते हैं और कंपनी आगे अपने संसाधनों का पुनर्गठन किस तरह करती है।

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