होटल बिलास इन में ताबड़तोड़ फायरिंग से मची अफरा-तफरी, मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल; 32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल जब्त, एक घायल अस्पताल में भर्ती
गुवाहाटी। असम की राजधानी गुवाहाटी में होटल के लीज एग्रीमेंट से जुड़े विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। सोमवार रात शहर के उलुबारी इलाके के पास स्थित होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। मृतकों में होटल की मालकिन समेत एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को वारदात के करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में घटना की वजह होटल की लीज और संपत्ति से जुड़ा विवाद माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी रात करीब नौ बजे हुई। घटना के बाद होटल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस, एंबुलेंस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई 32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल भी जब्त की है।
होटल की लीज को लेकर विवाद, फिर चलीं गोलियां
पुलिस कमिश्नर डॉ. पार्थ सारथी महंत के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि होटल के लीज एग्रीमेंट से जुड़ा संपत्ति विवाद इस गोलीबारी की वजह हो सकता है। आरोपी की पहचान घनकांत गोगोई के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर संपत्ति का लीजधारक है। पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें छह लोगों को गोलियां लगीं। इनमें से पांच की मौत हो गई, जबकि एक घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, विवाद किस बात पर शुरू हुआ, गोलीबारी कैसे हुई और घटना के समय वहां मौजूद लोगों की क्या भूमिका थी, इन सवालों के जवाब विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मृतकों में होटल मालकिन समेत एक परिवार के चार लोग
इस गोलीबारी में जान गंवाने वालों की पहचान होटल की मालकिन हेलेना भराली, उनके भाई भूदेव भराली, उनके बेटे देवरषि कश्यप, बहू रिनिकी कश्यप और नारायण दास के रूप में हुई है। नारायण दास परिवार के ड्राइवर बताए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के थे, जबकि पांचवां व्यक्ति उनके गांव का रहने वाला था। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। संपत्ति से जुड़े विवाद का इस तरह हिंसक घटना में बदल जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक घंटे में आरोपी गिरफ्तार, लाइसेंसी पिस्तौल जब्त
पुलिस ने घटना के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी घनकांत गोगोई को करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गोलीबारी में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली 32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल भी जब्त की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. पार्थ सारथी महंत ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य घटना के पीछे की परिस्थितियों, विवाद की प्रकृति और गोलीबारी के क्रम का पता लगाना है। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
घायल केयरटेकर की हालत स्थिर
गोलीबारी में घायल व्यक्ति की पहचान सत्येंद्र पाठक के रूप में बताई गई है, जो होटल के केयरटेकर हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर के अनुसार, गोलीबारी में बचा व्यक्ति फिलहाल स्थिर हालत में है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। घटना के बाद मौके पर एंबुलेंस और फॉरेंसिक टीम पहुंची। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की, ताकि गोलीबारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
गौरव गोगोई ने जताई चिंता, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
गुवाहाटी में हुई इस घटना पर असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों से मामले की विस्तृत जांच कराने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में गोगोई ने कहा कि होटल बिलास इन में हुई गोलीबारी ने शहर में सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जिम्मेदारी लेने और बढ़ते अपराधों पर ध्यान देने की अपील भी की। गोगोई ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
संपत्ति विवाद की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस फिलहाल होटल के लीज एग्रीमेंट और संपत्ति विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपी से पूछताछ के आधार पर गोलीबारी की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर संपत्ति विवादों के हिंसक रूप लेने और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, वारदात के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति के घायल होने के इस मामले में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। अब जांच का मुख्य फोकस घटना के कारणों का पता लगाने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करने पर है।