डेस्क। दुनिया के गोल्ड और ज्वेलरी कारोबार को मिलेगा नया आकर्षण, दुबई के देइरा इलाके में विकसित होगा खास गोल्ड वॉकवे; पर्यटन और कारोबार को बढ़ावा देने की योजना दुबई। सोने और महंगे आभूषणों के लिए दुनिया भर में मशहूर दुबई अब एक नया आकर्षण विकसित करने की तैयारी में है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर के देइरा इलाके में दुनिया की पहली और सबसे लंबी 24 कैरेट गोल्ड स्ट्रीट बनाने की योजना है। इस परियोजना को दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट के तहत विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सोने के कारोबार को नई पहचान देना और दुबई को वैश्विक ज्वेलरी पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस खास परियोजना की घोषणा प्रॉपर्टी डेवलपर इथरा दुबई (Ithra Dubai) ने की है। योजना के मुताबिक, गोल्ड स्ट्रीट को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह वॉकवे अपने सुनहरे डिजाइन और सोने से प्रेरित वास्तुशिल्प के कारण पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन सकता है।
गोल्ड स्ट्रीट की 5 बड़ी खास बातें
1. देइरा में बनेगा नया आकर्षण
दुबई के ऐतिहासिक देइरा इलाके में स्थित Dubai Gold District को इस परियोजना का केंद्र बनाया गया है। यह इलाका पहले से ही सोने और आभूषणों के कारोबार के लिए मशहूर है।
2. 24 कैरेट सोने से जुड़ी खास वॉकवे
डेवलपर के मुताबिक, इस वॉकवे में 24 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, इसकी लंबाई, कुल सोने की मात्रा और निर्माण की तकनीक का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसका मतलब यह नहीं कि पूरी सड़क ठोस सोने से बनाई जाएगी।
3. एक ही जगह 1,000 से ज्यादा रिटेलर
दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में सोने, आभूषणों, इत्र, कॉस्मेटिक्स और लाइफस्टाइल से जुड़ी 1,000 से अधिक खुदरा दुकानें हैं। गोल्ड स्ट्रीट इस कारोबारी केंद्र को एक खास पर्यटन अनुभव भी देगी।
4. पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना का मकसद अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों, ज्वेलरी खरीदारों और कारोबारियों को आकर्षित करना है। इससे दुबई की वैश्विक गोल्ड ट्रेडिंग और ज्वेलरी मार्केट में स्थिति मजबूत करने की उम्मीद है।
5. 2026 के अंत तक खुलने का लक्ष्य
अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, गोल्ड वॉकवे को साल के अंत से पहले खोलने की तैयारी है। हालांकि, इसकी सटीक उद्घाटन तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।
दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट ही क्यों चुना गया?
दुबई लंबे समय से सोने के आयात-निर्यात, थोक कारोबार और आभूषणों की खरीदारी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान रखता है। देइरा का पारंपरिक गोल्ड सूक भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। नई गोल्ड स्ट्रीट इसी विरासत को आधुनिक पर्यटन के साथ जोड़ने की योजना का हिस्सा है। यहां खरीदारी के अलावा लोग सुनहरे डिजाइन वाले वॉकवे का अनुभव लेने भी पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबारियों, दुकानों और पर्यटन सेवाओं को अतिरिक्त ग्राहक मिलने की संभावना है।
क्या पूरी सड़क शुद्ध सोने से बनेगी?
यह इस परियोजना से जुड़ा सबसे दिलचस्प सवाल है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वॉकवे में 24 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाएगा और इसे दुनिया की पहली तथा सबसे लंबी गोल्ड वॉकवे के रूप में पेश किया जा रहा है। लेकिन इसकी वास्तविक लंबाई, सोने की परत या संरचना, कुल लागत और इस्तेमाल होने वाले सोने की मात्रा का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है। इसलिए इसे पूरी तरह ठोस सोने से बनी सड़क कहना अभी सही नहीं होगा।
दुनिया भर के पर्यटकों की नजरें दुबई पर
अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो गोल्ड स्ट्रीट दुबई के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो सकती है। सोने की खरीदारी के लिए मशहूर शहर अब सोने से जुड़ा एक ऐसा अनुभव भी पेश करना चाहता है, जो पर्यटकों को दूसरी जगहों से अलग लगे। अब सबसे बड़ा इंतजार इस बात का है कि गोल्ड स्ट्रीट की वास्तविक डिजाइन कैसी होगी, इसमें कितना सोना इस्तेमाल किया जाएगा और पर्यटकों के लिए इसे कब खोला जाएगा। इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही इस अनोखी परियोजना की पूरी भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकेगा।