कोलकाता। पश्चिम बंगाल के आसनसोल संसदीय और बालीगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी नेतृत्व में तकरार तेज हो गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से प्रदेश बीजेपी के तीन नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। मुर्शिदाबाद से विधायक गौरीशंकर घोष, बानी गांगुली और दीपांकर चौधरी ने राज्य कार्यकारिणी से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ नदिया जिला मंडल के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। अब सिलीगुड़ी के बीजेपी के विधायक शंकर घोष ने बीजेपी सिलीगुड़ी ऑब्जर्बर का वाट्सऐप ग्रुप छोड़ दिया है। इससे पार्टी की अंदरूनी कलह और खुल कर सामने आयी है। इस बीच, केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल बीजेपी के सागंठनिक महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती को तलब किया है। हालाँकि बीजेपी के विधायक शंकर घोष ने कहा है कि अवांछित ग्रुप में रहने में समस्या हो रही थी, इसलिए ग्रुप छोड़ा है , इससे राजनीति का कुछ लेना देना नहीं है। ‘लेकिन भाजपा में जिस प्रकार से भागमभाग लगा है , उससे वाट्सऐप ग्रुप छोड़ने को लेकर और ही राजनितिक मायने निकले जा रहे है । सवाल उठ रहा है क्या सिलीगुड़ी में भी भाजपा का विकेट गिर जाएगा
बता दें कि बीजेपी के नेता के नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी द्वारा नीतिगत फैसले लेते समय उनकी अनदेखी की गई। यह घटनाक्रम प्रदेश में दो उपचुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जीत बाद सामने आया। आसनसोल लोकसभा सीट पर शत्रुघ्न सिन्हा ने बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल को भारी मतों से हराया। वहीं, बाबुल सुप्रियो ने बालीगंज में माकपा की सायरा शाह हलीम को शिकस्त दी है। यहां बीजेपी की उम्मीदवार केया घोष तीसरे नंबर पर रही हैं।
अनुपम हाजरा ने संगठन महामंत्री अमिताभ चक्रवर्ती पर साधा निशाना
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अनुपम हाजरा ने संगठन महामंत्री अमिताभ चक्रवर्ती पर निशाना साधा। उन्होंने में कहा कि बंगाल बीजेपी में दम घुटने वाला वातावरण है। इस कारण कुछ लोग बंगाल से बाहर आकर बीजेपी के साथ काम करना चाहते हैं। बंगाल में बीजेपी की स्थिति गंभीर है। स्थिति गंभीर होने पर ही केंद्रीय नेतृत्व तभी तलब करती है, जब स्थिति गंभीर होती है.कई लोगों की शिकायत है कि संगठन में पारदर्शिता की कमी है। पूरा संगठन केवल लोगों के इर्द-गिर्द घूमता है।
रविवार को बीजेपी के कई नेताओं ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि कल विधायक गौरी शंकर घोष ने अपने इस्तीफे में कहा था कि बीजेपी की प्रदेश और जिला समितियां संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने में विफल रही हैं, जो हाल के सभी चुनावों में हमारे खराब प्रदर्शन के मुख्य वजह थे। प्रदेश बीजेपी के तीन नेताओं के इस्तीफे पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अनुपम हाजरा ने रविवार को कहा था कि पार्टी के पश्चिम बंगाल नेतृत्व को प्रदेश समिति के तीन सदस्यों के इस्तीफे के पीछे की वजहों का विश्लेषण और आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि किया वरिष्ठ नेता फैसले लेने वाली समिति में अब सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, उनके जैसे लोगों की अब प्रदेश समिति का हिस्सा बनने में कोई दिलचस्पी क्यों नहीं है? इसका विश्लेषण किया जाना चाहिए।
Comments are closed.