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अमेरिका की बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू, वेंस बोले-“जैसे को तैसा…अब कोई ईरानी जहाज बाहर नहीं निकल पाएगा”

डेस्क।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है, जो सोमवार से लागू हो गई।अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD. . .

डेस्क।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश के बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है, जो सोमवार से लागू हो गई।अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान पर “आर्थिक आतंकवाद” का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर ईरान दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका भी वैसा ही जवाब देगा। उन्होंने कहा, “अगर ईरानी जहाज़ों को रोकने की कोशिश होगी, तो कोई भी ईरानी जहाज़ बाहर नहीं निकल पाएगा।” अमेरिकी सेना के अनुसार, यह नाकेबंदी खास तौर पर ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाज़ों पर लागू होगी। हालांकि, Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाज़ों को नहीं रोका जाएगा जो गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं।
इस बीच, शिपिंग डेटा के अनुसार कुछ जहाज़ अब भी हॉर्मुज़ से गुजर रहे हैं। एक टैंकर यूएई से चीन की ओर जाते हुए इस रास्ते से पार हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि पूरी तरह से आवाजाही बंद नहीं हुई है। ईरान ने इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने इसे देश की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के खिलाफ है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने भी सभी पक्षों से अपील की है कि वे हॉर्मुज़ में नौवहन की स्वतंत्रता का सम्मान करें, क्योंकि यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस नाकेबंदी का फैसला तब लिया गया जब पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल हो गई। अब इस कदम से क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा और बढ़ गया है। वहीं, एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका में लेबनान और इज़राइल के अधिकारियों के बीच सीधे वार्ता की तैयारी हो रही है, जो कई दशकों बाद पहली बार हो रही है। कुल मिलाकर, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अब वैश्विक तनाव का केंद्र बन चुका है, जहां किसी भी गलत कदम से बड़ा सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता है।

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