कोलकाता : पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और राज्य को निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कोलकाता के मिलन मेला प्रांगण में आयोजित वस्त्र उद्योग सम्मेलन (Textile Industry Summit) में उद्योग जगत के लिए नई औद्योगिक नीति और निवेश रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक महीने के भीतर कम-से-कम 25 उद्योगपतियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन सौंपेगी। साथ ही, 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को अब नगर निगम, नगरपालिका या पंचायत से अलग-अलग मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
एक महीने में 25 उद्योगपतियों को जमीन सौंपने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की स्थापना में सबसे बड़ी बाधा जमीन की उपलब्धता रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने नई भूमि खरीद नीति (Land Purchase Policy) लागू कर दी है। इसके तहत किसान स्वेच्छा से अपनी जमीन सरकार को दे रहे हैं ताकि उसे औद्योगिक परियोजनाओं के लिए विकसित किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार लैंड डेवलपमेंट पॉलिसी लाने पर भी विचार कर रही है, जिससे उद्योगों के लिए भूमि विकास की प्रक्रिया और तेज हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम अगले एक महीने के भीतर कम-से-कम 25 उद्योगपतियों को जमीन सौंपेंगे। सरकार ने भूमि खरीद नीति लागू कर दी है और किसान भी सहयोग कर रहे हैं।”
100 करोड़ से अधिक निवेश पर नहीं लेनी होगी स्थानीय निकायों की मंजूरी
राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को अब स्थानीय निकायों की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, निवेशकों को अक्सर नगरपालिका, नगर निगम और पंचायत स्तर पर अनावश्यक देरी और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के तहत इन सभी प्रक्रियाओं को राज्य सरकार के सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा “100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाले उद्योगपतियों को अब किसी नगरपालिका, निगम या पंचायत के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सारी मंजूरियां एक ही जगह से उपलब्ध कराई जाएंगी।”
सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी तेज मंजूरी
सरकार निवेशकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को पूरी तरह प्रभावी बनाने जा रही है। इस प्रणाली के तहत उद्योग स्थापित करने से जुड़ी विभिन्न विभागों की स्वीकृतियां एक ही मंच से दी जाएंगी, जिससे समय की बचत होगी और प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।
सिंडिकेट राज और कटमनी खत्म करने का दावा
मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल में डबल इंजन सरकार होने के कारण पहले जैसी सिंडिकेट संस्कृति, कटमनी और जबरन वसूली जैसी समस्याओं के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के लिए सबसे पहले कानून-व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी था और सरकार ने इस दिशा में कड़े कदम उठाए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा, “गुंडागर्दी, सिंडिकेट राज, कटमनी और जबरन चंदा वसूली जैसी पुरानी व्यवस्था को खत्म किया गया है। अब उद्योगपतियों को पूरी सुरक्षा और व्यवसाय के अनुकूल वातावरण मिलेगा।”
“देखेंगे और सोचेंगे” नहीं, अब “काम करेंगे” की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से फैसले लेकर उन्हें जमीन पर लागू करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य है—
- उद्योगों के लिए बेहतर नीतियां बनाना।
- निवेशकों को शीघ्र मंजूरी देना।
- भूमि उपलब्ध कराना।
- प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
- निवेशकों को हर संभव सरकारी सहायता देना।
राज्य में शुरू हो चुका है निवेश का नया दौर
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में पहले से ही कई बड़े निवेश शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि—
- लक्स कोजी (Lux Cozi) की नई निवेश परियोजना का भूमि पूजन कराया जा चुका है।
- अमूल (Amul) की दूसरी बड़ी परियोजना भी पश्चिम बंगाल में आ रही है।
- अमूल राज्य में दही, मिठाई, मिष्टी दोई और अन्य डेयरी उत्पादों का उत्पादन करेगा।
- कंपनी को उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल में 15-15 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी गई है, जहां आइसक्रीम निर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
श्याम स्टील और अमित मेटालिक्स के बड़े निवेश
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान राज्य में दो और बड़े औद्योगिक निवेशों की घोषणा की।
प्रमुख निवेश
- श्याम स्टील अपने मौजूदा कारोबार का 15,000 करोड़ रुपये का विस्तार करेगा।
- अमित मेटालिक्स पुरुलिया जिले में लगभग 4,000 करोड़ रुपये का नया निवेश करेगा।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
उद्योगपतियों से बंगाल के विकास में भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से पश्चिम बंगाल में निवेश बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा,”यह सरकार आपकी सरकार है। आप पश्चिम बंगाल के विकास के लिए आगे आइए, सरकार हर स्तर पर आपका पूरा सहयोग करेगी।”
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति
राज्य सरकार का मानना है कि नई भूमि नीति, सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और बड़े निवेशकों के लिए आसान मंजूरी व्यवस्था पश्चिम बंगाल को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। यदि घोषित नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।