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दोस्ती की एक और मिसाल : भारत में खुले रूसी संसदीय चुनाव के लिए पोलिंग स्टेशन, राजदूत डेनिस आलिपोव ने की सराहना

भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग और मजबूत रिश्तों का एक नया उदाहरण सामने आया है। रूस के संसदीय चुनावों के तहत भारत में रह रहे रूसी नागरिकों के लिए विशेष पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं,. . .

विशेष विवरण: भारत-रूस गहरी दोस्ती की मिसाल, प्रवासी रूसी नागरिकों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग और मजबूत रिश्तों का एक नया उदाहरण सामने आया है। रूस के संसदीय चुनावों के तहत भारत में रह रहे रूसी नागरिकों के लिए विशेष पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जहां वे अपने मताधिकार का खुलकर उपयोग कर रहे हैं। रूस के राजदूत डेनिस आलिपोव ने इस पूरी व्यवस्था पर संतोष जताते हुए भारतीय अधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया है।

प्रमुख बिंदु

  • चुनावी प्रक्रिया और समय: रूस की संसद के निचले सदन ‘स्टेट ड्यूमा’ के सदस्यों को चुनने के लिए यह मतदान प्रक्रिया शुक्रवार से रविवार तक आयोजित की जा रही है।
  • भारत में पोलिंग स्टेशनों का विस्तार: भारत में रूसी नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे लोग आसानी से वोट डाल सकें।
  • भारतीय प्रशासन का पूरा सहयोग: रूसी राजदूत ने स्पष्ट किया कि भारतीय अधिकारियों ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने में अभूतपूर्व सहयोग दिया है।
  • किसे है अनुमति: भारत में रह रहे स्थायी रूसी नागरिकों के अलावा, व्यापार और पर्यटन के सिलसिले में आए अस्थायी यात्री भी अपनी पात्रता के अनुसार इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं।
  • समुदाय का उत्साह: राजदूत आलिपोव ने कहा कि भले ही यहां रूसी समुदाय की संख्या अन्य देशों की तुलना में कम हो, लेकिन प्रवासियों का उत्साह और सक्रियता देखते ही बनती है।

लोकतांत्रिक अधिकार और कूटनीतिक रिश्ते

राजदूत डेनिस आलिपोव ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि हर नागरिक का मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि भारत में मौजूद रूसी समुदाय इस अवसर को नहीं गंवाएगा और अपने देश के भविष्य के लिए बढ़-चढ़कर मतदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की भूमि पर इस प्रकार की पारदर्शी और सुचारू चुनावी व्यवस्था का संचालन दोनों देशों के बीच अटूट विश्वास, कूटनीतिक गहराई और मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का एक और प्रमाण है।

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