पटना/लखनऊ/देहरादून। देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़े हुए हैं। बिहार में बाढ़ ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। राज्य के 15 जिलों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में घरों, सड़कों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। कटिहार में सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं और बच्चों को नाव के जरिए पढ़ाई के लिए पहुंचना पड़ रहा है। बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक केंद्रीय टीम बुधवार को प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी। वहीं, उत्तर प्रदेश में नदियों के उफान से 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। लखीमपुर में शारदा नदी के कटान से महज 24 घंटे में सात मकान नदी में समा गए।
बिहार में 15 जिलों की 575 पंचायतें बाढ़ की चपेट में
बिहार में इस साल बाढ़ से 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब 47.92 लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। बाढ़ के कारण हजारों करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। बड़ी मात्रा में फसलें बर्बाद हुई हैं और कई जगह सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कटिहार में पानी में डूबे स्कूल, नाव से पढ़ने पहुंच रहे बच्चे
कटिहार में बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। ऐसे में कुछ जगहों पर बच्चे नाव से आवाजाही कर पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
केंद्रीय टीम करेगी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन
बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर केंद्रीय टीम के जल्द बिहार दौरे का आश्वासन दिया था। इसके बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। टीम का उद्देश्य बाढ़ से हुए नुकसान की जमीनी स्थिति का जायजा लेना और प्रभावित इलाकों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करना है।
बिहार में 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने बिहार के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
यूपी में 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के 26 जिलों में बाढ़ के हालात बताए जा रहे हैं और करीब चार लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत बढ़ गई है। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
लखीमपुर में 24 घंटे में 7 मकान नदी में समाए
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में सात मकान नदी में समा गए। नदी के लगातार कटाव से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत है। ग्रामीण अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से रास्ते बंद
उत्तराखंड में भी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट के पास लैंडस्लाइड होने से सड़क एक बार फिर बंद हो गई। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। चीरबासा के पास यात्रियों को हेलमेट पहनाकर आगे भेजा जा रहा है। कुछ दिन पहले हुए लैंडस्लाइड में कई घोड़े और खच्चर मारे गए थे। रास्ते में पड़े शवों के कारण दुर्गंध और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें भी सामने आई हैं।
बिहार की बाढ़ पर सियासत भी तेज
बाढ़ की स्थिति के बीच बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि राज्य के लोग बाढ़ से परेशान हैं, लेकिन बिहार सरकार केंद्र से पर्याप्त राहत पैकेज नहीं ला रही है। उन्होंने गुजरात को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि आपदा की स्थिति में बिहार को भी उसी तरह मदद मिलनी चाहिए। शिवराज सिंह चौहान के पटना दौरे पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया था कि वे राहत पैकेज लेकर आ रहे हैं या सिर्फ फोटो सेशन के लिए। इन बयानों पर सत्ता पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। फिलहाल केंद्रीय टीम के दौरे के बाद बाढ़ से हुए नुकसान और राहत की जरूरतों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
राजस्थान में 26 जिलों में यलो अलर्ट
राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 17 सितंबर तक 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को अजमेर, पाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में भी कई दिनों तक बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के लिए अलग-अलग अवधि में बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी हिस्सों में 18 से 21 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
कई राज्यों में मौसम बना चुनौती
बिहार में बाढ़, उत्तर प्रदेश में नदी कटान और बाढ़, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और राजस्थान-मध्य प्रदेश में बारिश के अलर्ट ने प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ा दी है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर बिहार पर है, जहां लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। केंद्रीय टीम के जमीनी दौरे के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन और राहत एवं पुनर्वास को लेकर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ हो सकती है।