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रांची में छात्रों और सरकार के बीच आज होगी अहम बैठक, मंत्रियों के सामने रखी जाएगी मांगें

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल आज हेमंत सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में छात्रों की मांगों पर. . .

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल आज हेमंत सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में छात्रों की मांगों पर चर्चा होगी, जिसके बाद सरकार की ओर से आगामी कदम उठाए जाने की संभावना है।

स्टेट गेस्ट हाउस में होगी वार्ता

  • प्रतिनिधिमंडल: रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ का 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार के मंत्रियों के साथ वार्ता करेगा।
  • समय: यह महत्वपूर्ण बैठक सुबह 10 बजे के बाद सर्किट हाउस / गेस्ट हाउस में आयोजित होगी।
  • अनिश्चितकालीन सत्याग्रह: छात्र 2 जुलाई को 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद से 5 जुलाई से लगातार संघर्षरत हैं और उनका सत्याग्रह जारी है।

सरकार ने मांगे लिखित सबूत

शुक्रवार को भी छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इस दौरान सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और धांधली के सबूतों को लिखित रूप में देने की मांग की है। छात्र डेलिगेशन एक-दो दिन के भीतर अपने इन साक्ष्यों को लिखित तौर पर सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद सरकार की तरफ से आधिकारिक जवाब दिया जाएगा।

छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों के मुख्य बिंदु

  • देवेंद्र नाथ महतो का रुख: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वह खुद मीटिंग में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन उनकी टीम और प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए उपस्थित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि डेलिगेशन में कोई भी जाए, हम सबकी मांगें एक समान हैं।
  • सीधे मुख्यमंत्री से चर्चा की मांग: प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने खुले मैदान या मीडिया के सामने रखना चाहते हैं, न कि किसी बंद कमरे में।
  • चेतावनी: छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उनका आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। हालांकि, छात्रों द्वारा 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान भी अभी तक बरकरार है।

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