भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला आज
नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। पहले मैच में शानदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं। भारत ने 226 रनों के बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। पहले मुकाबले में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने भारत को आक्रामक शुरुआत दिलाई। संजू ने शानदार अर्धशतक लगाया, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर और नमन धीर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को आखिरी ओवर में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। अब भारतीय टीम दूसरे टी20 में भी जीत हासिल कर अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की नजरें वापसी करके सीरीज को बराबरी पर लाने पर होंगी।
IND vs NZ 2nd T20: कैसी होगी हेगले ओवल की पिच?
भारत और न्यूजीलैंड का दूसरा टी20 मुकाबला उसी पिच पर खेला जाएगा, जहां पहले मैच में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 455 रन बनाए थे। ऐसे में एक बार फिर बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, इस पिच पर गेंदबाजों को भी शुरुआत में मदद मिल सकती है। पिछले मुकाबले में शुरुआती ओवरों के दौरान पिच थोड़ी धीमी थी और गेंद स्विंग हो रही थी। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, बल्लेबाजी करना आसान होता गया और पिच बल्लेबाजों के अनुकूल हो गई। ऐसे में दोनों टीमों के तेज गेंदबाज नई गेंद से स्विंग हासिल करने की कोशिश करेंगे। अगर बल्लेबाज शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलते हैं, तो बाद में बड़े स्कोर बनने की संभावना बढ़ सकती है।
ओस की होगी अहम भूमिका, टॉस जीतने वाला कप्तान क्या करेगा?
यह मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा। मैच के दौरान तापमान गिरकर करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में ओस की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है। ओस पड़ने से गेंद गीली हो सकती है, जिससे गेंदबाजों के लिए उसे पकड़ना और स्पिन कराना मुश्किल हो जाता है। इसका फायदा दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम को मिल सकता है। इसी वजह से टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकता है, ताकि लक्ष्य का पीछा करते समय ओस का फायदा उठाया जा सके। हालांकि, वास्तविक परिस्थितियां मैच के दौरान मौसम और मैदान की स्थिति पर निर्भर करेंगी।
हेगले ओवल में T20I के आंकड़े
क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर अब तक खेले गए टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आंकड़े बताते हैं कि यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को फायदा मिला है।
| आंकड़ा | रिकॉर्ड |
|---|---|
| कुल टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच | 16 |
| पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम की जीत | 6 |
| लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम की जीत | 9 |
| सबसे बड़ा टीम स्कोर | 236/4 |
| सबसे छोटा टीम स्कोर | 91 रन |
| सबसे बड़ी सफल रन चेज | 230/6 |
| पहली पारी का औसत स्कोर | 165 रन |
| टॉस जीतने वाली टीमों की जीत | 7 |
| टॉस हारने वाली टीमों की जीत | 8 |
इन आंकड़ों के मुताबिक, हेगले ओवल में लक्ष्य का पीछा करना अपेक्षाकृत फायदेमंद रहा है। हालांकि, मैच का परिणाम पिच, मौसम और दोनों टीमों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगा।
दूसरे टी20 में किसका पलड़ा रहेगा भारी?
पहले मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी ने जिस तरह बड़े लक्ष्य का पीछा किया, उससे टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिली है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और मध्यक्रम के बल्लेबाज एक बार फिर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के सामने चुनौती पेश कर सकते हैं। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के गेंदबाज शुरुआती ओवरों में स्विंग का फायदा उठाकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। अगर मेजबान टीम शुरुआती विकेट हासिल करने में सफल रहती है, तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है। कुल मिलाकर, हेगले ओवल की पिच पर बल्लेबाजों के लिए बड़े रन बनाने के अवसर मौजूद हैं, लेकिन शुरुआती स्विंग तेज गेंदबाजों को भी मैच में प्रभाव डालने का मौका दे सकती है। ओस और टॉस की भूमिका भी मुकाबले का रुख तय करने में अहम साबित हो सकती है।