Home » खेल » IND vs WI: संजू सैमसन ने बताया कहां पलट गया मैच, तिलक वर्मा के विकेट को बताया हार की सबसे बड़ी वजह

IND vs WI: संजू सैमसन ने बताया कहां पलट गया मैच, तिलक वर्मा के विकेट को बताया हार की सबसे बड़ी वजह

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली।. . .

हैदराबाद। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली। भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने मैच के बाद हार की वजह बताते हुए तिलक वर्मा के विकेट को निर्णायक मोड़ करार दिया। उनके मुताबिक, भारतीय टीम लक्ष्य के करीब पहुंच रही थी, लेकिन 17वें ओवर में तिलक के आउट होने से मुकाबले का रुख बदल गया। इस मैच में संजू सैमसन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए महज 23 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और चार छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन उनकी शानदार शुरुआत के बावजूद भारतीय टीम 248 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।

तिलक वर्मा के आउट होते ही भारत की उम्मीदों को लगा झटका

मैच के बाद संजू सैमसन ने बताया कि भारतीय टीम एक समय लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में थी। तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी के बीच हुई साझेदारी ने भारत की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा था। दोनों बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे और जरूरी रन रेट के दबाव को भी संभाल रहे थे। संजू के मुताबिक, 17वें ओवर में तिलक वर्मा का विकेट गिरना मैच का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ। उस समय भारत को जीत के लिए तेज गति से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन तिलक के आउट होने के बाद टीम की स्थिति कमजोर हो गई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम मुकाबले को अपने पक्ष में करने के काफी करीब थी। तिलक और रेड्डी जिस तरह बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद बनी हुई थी। हालांकि, अहम समय पर विकेट गिरने से टीम की रणनीति को झटका लगा।

248 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए शुरू से आक्रामक खेलना जरूरी था

संजू सैमसन ने माना कि इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों के सामने शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने की चुनौती थी। टीम ने इसी रणनीति के साथ बल्लेबाजी की, लेकिन लगातार आक्रामक खेलने के दबाव में पारी को संभालना मुश्किल हो गया। उन्होंने मैच के बाद कहा कि भारत को लगभग 250 रन बनाने थे, इसलिए बल्लेबाजों ने पहली गेंद से ही आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की। उनके अनुसार, जब तक तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी क्रीज पर थे, भारत मुकाबले में बना हुआ था। संजू ने यह भी बताया कि उस समय टीम को प्रति ओवर करीब 12 से 13 रन बनाने की जरूरत थी। इसके बावजूद दोनों बल्लेबाज दबाव में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और भारत लक्ष्य के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहा था।

संजू सैमसन की विस्फोटक पारी भी नहीं दिला सकी जीत

भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन ने सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही हमला बोला और मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 23 गेंदों पर 56 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके और चार छक्के शामिल थे। उनका अर्धशतक केवल 20 गेंदों में पूरा हुआ। हालांकि, उनकी पारी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। कीमो पॉल की गेंद पर संजू का कैच शिमरन हेटमायर ने पकड़ा। उनके आउट होने के बाद भारतीय टीम को दूसरे बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की जरूरत थी, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की।

शाई होप की बल्लेबाजी से प्रभावित हुए संजू

संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम होप को आउट करने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपना रही है, लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। संजू के मुताबिक, टीम की बैठकों में होप के खिलाफ गेंदबाजी की योजनाओं पर चर्चा की जा रही है। पिछले मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने कुछ रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू भी किया था। संजू ने अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने स्टंप्स के करीब से गेंदबाजी करते हुए होप को आउट करने में सफलता हासिल की थी। उन्होंने कहा कि होप इस समय शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं और उनके प्रदर्शन का सम्मान किया जाना चाहिए। वह बेहतरीन क्रिकेटिंग शॉट्स लगा रहे हैं और भारतीय टीम को उनके खिलाफ अपनी योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करना होगा।

वेस्टइंडीज की सीरीज में वापसी, अब निर्णायक मुकाबले पर नजर

चौथे टी20 में जीत के बाद वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी है। भारतीय टीम ने जहां संजू सैमसन की तेजतर्रार पारी और मध्यक्रम की साझेदारी के दम पर लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश की, वहीं वेस्टइंडीज ने दबाव के क्षणों में बेहतर प्रदर्शन करके जीत हासिल की। अब सीरीज का आखिरी मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम होगा। भारत की कोशिश निर्णायक मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने की होगी, जबकि वेस्टइंडीज इस जीत के आत्मविश्वास के साथ सीरीज पर कब्जा जमाने उतरेगी।

मैच का सबसे बड़ा सबक

संजू सैमसन की नजर में भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका था, लेकिन तिलक वर्मा का 17वें ओवर में आउट होना निर्णायक साबित हुआ। अब भारतीय टीम को अगले मुकाबले में बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय साझेदारियों को अंत तक बनाए रखने पर ध्यान देना होगा।

Web Stories
 
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम