फ्लोरिडा (अमेरिका)। अमेरिका के फ्लोरिडा में रविवार को एक दर्दनाक विमान हादसा हुआ। नौ लोगों को लेकर जा रहा एक बिजनेस जेट क्रेस्टहेवन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी नौ लोगों की जान चली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान अचानक आसमान से तेजी से नीचे आने लगा और कुछ ही पलों में जमीन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान में भीषण विस्फोट हुआ और देखते ही देखते वह आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे का भयावह दृश्य वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया। दुर्घटना के वीडियो में विमान को तेजी से नीचे गिरते और जमीन से टकराने के बाद आग की लपटों में घिरते देखा जा सकता है। विमान के टकराने से सड़क पर बड़ा गड्ढा बन गया और उसके मलबे के टुकड़े आसपास बिखर गए। राहत की बात यह रही कि विमान रिहायशी मकानों से कुछ दूरी पर सड़क के पास गिरा। अधिकारियों के मुताबिक, विमान में सवार लोगों के अलावा जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जमीन से टकराते ही हुआ जोरदार धमाका, आग की लपटों में घिरा विमान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान सामान्य तरीके से उड़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे आने लगा। कुछ ही सेकंड में जेट जमीन से टकरा गया। टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विमान के टकराने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया। आसपास विमान के कई हिस्से बिखर गए। घटना के समय सड़क से गुजर रहे लोगों ने दुर्घटना का वीडियो बनाया। सोशल मीडिया पर सामने आए इन दृश्यों में विमान के गिरने और विस्फोट के बाद उठती आग की लपटें दिखाई दे रही हैं।
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने बताया विनाशकारी हादसा
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने इस विमान दुर्घटना पर दुख जताते हुए इसे बेहद विनाशकारी बताया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दुर्घटना का दृश्य ऐसा लग रहा था, जैसे कोई मिसाइल आसमान से नीचे गिर रही हो। हादसे की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने घटनास्थल पर राहत और जांच से जुड़ी कार्रवाई शुरू की। विमान में सवार सभी नौ लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
ऑस्टिन से बहामास जा रहा था लियरजेट 60
अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने दुर्घटनाग्रस्त विमान की पहचान लियरजेट 60 के रूप में की है। जानकारी के अनुसार, विमान ने टेक्सास के ऑस्टिन-बर्गस्ट्रॉम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इसका गंतव्य बहामास था। उड़ान के दौरान विमान फ्लोरिडा के क्रेस्टहेवन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने फिलहाल विमान में सवार नौ लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मृतकों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे से पहले पायलट ने ‘मेडे’ बोलकर मांगी थी मदद
इस दुर्घटना का सबसे अहम पहलू हादसे से पहले पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई बातचीत है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और रेडियो संवाद के मुताबिक, दुर्घटना से पहले विमान में खराब मौसम जैसी परिस्थितियों और तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। बताया गया कि विमान में तेज टर्बुलेंस यानी हवा के कारण झटके लग रहे थे। इसके अलावा विमान पर बर्फ जमने की समस्या भी सामने आई थी। पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को बताया था कि टर्बुलेंस के कारण विमान की ऊंचाई में करीब 700 फीट तक उतार-चढ़ाव हो रहा है। स्थिति को संभालने के लिए उसने विमान को 2,000 फीट और ऊपर ले जाने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद विमान की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
10 हजार फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिर रहा था विमान
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत के मुताबिक, कुछ देर बाद विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा। स्थिति गंभीर होते देख पायलट ने इमरजेंसी कॉल करते हुए ‘मेडे, मेडे’ कहा। मेडे विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला आपातकालीन संकेत है। इसका मतलब होता है कि विमान और उसमें सवार लोगों की जान पर गंभीर खतरा है और तत्काल सहायता की आवश्यकता है। बताया गया कि पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जानकारी दी कि विमान करीब 10,000 फीट प्रति मिनट की गति से नीचे गिर रहा है। यह बेहद गंभीर स्थिति थी। पायलट ने आखिरी बातचीत में विमान के जमीन से टकराने की आशंका भी जताई। इसके कुछ ही देर बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान हादसे की जांच में जुटे अमेरिकी अधिकारी
फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की आवश्यकता है। शुरुआती जानकारी में टर्बुलेंस और विमान पर बर्फ जमने की समस्या का उल्लेख सामने आया है, लेकिन केवल इन परिस्थितियों के आधार पर हादसे की अंतिम वजह तय नहीं की जा सकती। जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी रिकॉर्ड, फ्लाइट डेटा, एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत और घटनास्थल से मिले मलबे का विश्लेषण करेंगी। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि विमान में अचानक आई गिरावट के पीछे मौसम संबंधी परिस्थितियां थीं या कोई तकनीकी खराबी।
हादसे ने फिर उठाए निजी विमानों की सुरक्षा पर सवाल
फ्लोरिडा में हुआ यह हादसा निजी और बिजनेस जेट विमानों की उड़ान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाता है। विमान में सवार सभी नौ लोगों की मौत इस दुर्घटना की गंभीरता को दर्शाती है। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल अमेरिकी अधिकारी दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।