नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में गिरफ्तारी, चुनावी माहौल गरमाया
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने रेजीनगर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शफीउल इस्लाम को मुर्शिदाबाद जिले के डोमकल इलाके से नौदा पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। शफीउल का घर नौदा थाना क्षेत्र के बटुकनाथपुर गांव में बताया गया है।
14 सितंबर को दाखिल किया था नामांकन
शफीउल इस्लाम ने रेजीनगर उपचुनाव के लिए 14 सितंबर को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब उपचुनाव के लिए चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि शफीउल का नाम नौदा के पटिकाबारी इलाके में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़े मामले में सामने आया था।
किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
पुलिस के अनुसार, 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पटिकाबारी इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। इस मामले में शफीउल इस्लाम को आरोपी बनाया गया था। पुलिस का दावा है कि मामले के बाद वह कथित तौर पर फरार चल रहे थे। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
AJUP ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
वहीं, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेताओं ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि शफीउल भले ही रेजीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हों, लेकिन वह पार्टी के नौदा ब्लॉक अध्यक्ष हैं। AJUP विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गोलम नबी आजाद उर्फ रॉबिन रेजीनगर सीट से पार्टी उम्मीदवार हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शफीउल को रणनीतिक तौर पर डमी उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया था, ताकि मुख्य उम्मीदवार के नामांकन में किसी तरह की समस्या आने की स्थिति में पार्टी का चुनाव चिह्न चुनाव मैदान में बना रहे।
रॉबिन ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप
शफीउल इस्लाम की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए रॉबिन ने आरोप लगाया कि चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को पुराने मामलों में गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डमी उम्मीदवार रखना चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली एक रणनीति है और गिरफ्तारी से विपक्षी कार्यकर्ताओं में दबाव का माहौल बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताए जाने के आरोप पर अलग से कोई पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का पक्ष यह है कि कार्रवाई पुराने मामले में दर्ज आरोपों के आधार पर की गई है।
नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान भी गिरफ्तार
इससे एक दिन पहले नंदीग्राम उपचुनाव से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी पुलिस ने पुराने मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उन्हें नंदीग्राम से जुड़े चार पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया। इनमें 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान हुई एक हत्या का मामला भी शामिल बताया गया है।
मिलन प्रधान को हल्दिया अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
BJP ने कहा—पुराने मामले में कार्रवाई कानून के तहत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पुराना मामला लंबित है और उसने जमानत नहीं ली है, तो कानून के तहत गिरफ्तारी हो सकती है।
उन्होंने गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है।
उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रेजीनगर और नंदीग्राम में उम्मीदवारों की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल के उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। जहां पुलिस इन कार्रवाइयों को पुराने मामलों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया बता रही है, वहीं संबंधित राजनीतिक दल इसे चुनावी माहौल से जोड़कर देख रहे हैं।
अब शफीउल इस्लाम की अदालत में पेशी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है।