पुणे। पुणे के पास बारामती में एक बार फिर ट्रेनिंग विमान हादसे का मामला सामने आया है। बारामती एयरपोर्ट के पास रविवार दोपहर प्रशिक्षण उड़ान के दौरान एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार ट्रेनी पायलट सुरक्षित बच गया।जानकारी के मुताबिक, विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर था और एयरपोर्ट परिसर में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान विमान जमीन पर गिर गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
मई 2026 में भी हुआ था ट्रेनिंग विमान हादसा
बारामती में इससे पहले 13 मई 2026 को भी एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। रेडबर्ड कंपनी का यह विमान बारामती एयरपोर्ट के पास गोजुबाबी गांव की सीमा में गिर गया था। क्रैश लैंडिंग के दौरान विमान का एक हिस्सा जमीन पर गिरने से पहले बिजली के खंभे से टकरा गया था। उस समय भी विमान में केवल एक ट्रेनी पायलट सवार था। उसे गंभीर चोट नहीं आई और वह बाल-बाल बच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद यह हादसा हुआ था।
जनवरी में अजित पवार की विमान हादसे में हुई थी मौत
बारामती एयरपोर्ट जनवरी 2026 में एक बड़े विमान हादसे के बाद भी चर्चा में रहा था। इस हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।अजित पवार मुंबई से चार्टर विमान के जरिए बारामती जा रहे थे। हादसे में कैप्टन सुमित कपूर और सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक समेत पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी मौत हुई थी।हादसे का शिकार लीयरजेट 46 विमान दिल्ली स्थित ‘वीएसआर वेंचर्स’ द्वारा संचालित किया जाता था। कैप्टन सुमित कपूर के पास करीब 15,000 घंटे और सह-पायलट शांभवी पाठक के पास करीब 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव बताया गया था।
लगातार हादसों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बारामती एयरपोर्ट के आसपास लगातार सामने आ रहे विमान हादसों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, विमान संचालन और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मई में ट्रेनिंग विमान की दुर्घटना और अब एक बार फिर प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हादसा होने से सुरक्षा मानकों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि लगातार हादसों के बावजूद बारामती एयरपोर्ट और उसके आसपास विमान संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और स्थायी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?