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रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बाजार में धमाका, 45 मिनट में 1.29 लाख करोड़ रुपये बढ़ी वैल्यूएशन; तिमाही मुनाफे में 41% की छलांग

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार में शानदार वापसी के संकेत दिए हैं। सितंबर तिमाही के दमदार नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार शुरू होने के महज. . .

मुंबई। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजार में शानदार वापसी के संकेत दिए हैं। सितंबर तिमाही के दमदार नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार शुरू होने के महज 45 मिनट के भीतर कंपनी के शेयर दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए और रिलायंस की मार्केट वैल्यू में 1.29 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हो गया। खास बात यह है कि पिछले कुछ समय से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर दबाव में कारोबार कर रहे थे। कंपनी के शेयरों में साल के दौरान करीब 28 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजों से काफी उम्मीदें थीं। शुक्रवार शाम को जारी वित्तीय नतीजों ने बाजार का रुख बदल दिया। रिलायंस के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 41 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद सोमवार को निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जमकर खरीदारी की।

45 मिनट में 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ा रिलायंस का शेयर

बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1,163.55 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही इसमें तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1,227.40 रुपये पर खुला और शुरुआती 45 मिनट के भीतर 1,259 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इस तरह शेयर में पिछले बंद भाव के मुकाबले 8 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई। दोपहर 12:15 बजे के आसपास रिलायंस का शेयर 7.72 फीसदी की बढ़त के साथ 1,253.40 रुपये पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, कंपनी का शेयर अभी भी अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 1,611.20 रुपये से करीब 22 फीसदी नीचे है। ऐसे में बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि शेयर अपनी तेजी को आगे भी बरकरार रख पाता है या नहीं।

कंपनी के मुनाफे में 41 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह सितंबर तिमाही के बेहतर वित्तीय नतीजे माने जा रहे हैं। कंपनी ने सितंबर तिमाही में शेयरधारकों के हिस्से वाला कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 25,548 करोड़ रुपये दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 18,165 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर 41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, कंपनी की परिचालन से होने वाली आय में भी मजबूत इजाफा हुआ। सितंबर तिमाही में रिलायंस का ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 3.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.58 लाख करोड़ रुपये था। कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।

O2C बिजनेस बना कंपनी की कमाई का सबसे बड़ा सहारा

रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C कारोबार ने इस तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट का EBITDA पिछले साल की समान तिमाही के 15,008 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये हो गया। इसमें सालाना आधार पर करीब 68 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में बेहतर मार्जिन का कंपनी को फायदा मिला। पेट्रोलियम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार ने भी इस प्रदर्शन को मजबूती दी। विश्लेषकों के मुताबिक, O2C कारोबार के मजबूत नतीजों ने रिटेल बिजनेस की अपेक्षाकृत कमजोर कमाई की भरपाई करने में मदद की।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बाद अब रिलायंस पर निवेशकों की नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी से पहले निवेशकों का ध्यान जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर भी था। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने बाजार में काफी चर्चा बटोरी और कंपनी ने बाजार में अपनी मजबूत स्थिति दिखाई। हालांकि, जियो से जुड़ी इस सकारात्मक खबर के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तत्काल बड़ी तेजी नहीं आई थी।अब कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। बाजार में माना जा रहा है कि O2C कारोबार की बेहतर कमाई और डिजिटल सेवाओं की मजबूती आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दे सकती है।

जेफरीज ने दिया 1,710 रुपये का टारगेट प्राइस

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने इसके लिए 1,710 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। जेफरीज के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA उसके अनुमान से करीब 6 फीसदी बेहतर रहा। इसका मुख्य कारण O2C सेगमेंट का शानदार प्रदर्शन था। हालांकि, रिटेल कारोबार की ग्रोथ और EBITDA में कमजोरी देखने को मिली। त्योहारों के समय में बदलाव और क्विक कॉमर्स कारोबार के विस्तार का असर भी रिटेल सेगमेंट पर पड़ा। जेफरीज को उम्मीद है कि मिडिल ईस्ट और रूस में रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियों के कारण आने वाले समय में O2C कारोबार के मार्जिन को समर्थन मिल सकता है।ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने EBITDA अनुमानों में क्रमशः 6 फीसदी और 2 फीसदी की बढ़ोतरी भी की है।

नोमुरा ने घटाया टारगेट, फिर भी तेजी की जताई उम्मीद

दूसरी ओर, ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज का टारगेट प्राइस 1,690 रुपये से घटाकर 1,560 रुपये कर दिया है। इसके बावजूद ब्रोकरेज ने शेयर में करीब 34 फीसदी की संभावित तेजी का अनुमान जताया है। नोमुरा के अनुसार, रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA उसके अनुमान से 9 फीसदी अधिक रहा। इस बेहतर प्रदर्शन में O2C कारोबार का योगदान सबसे ज्यादा रहा। इस सेगमेंट का EBITDA 25,200 करोड़ रुपये रहा, जबकि नोमुरा ने इसके 20,300 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। हालांकि, रिटेल कारोबार का EBITDA ब्रोकरेज के अनुमान से करीब 10 फीसदी कम रहा। इसके बावजूद O2C सेगमेंट की मजबूती ने कंपनी के कुल वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाया।

नुवामा को भी शेयर में 25 फीसदी तक तेजी की उम्मीद

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 1,766 रुपये से घटाकर 1,703 रुपये कर दिया है। इस नए लक्ष्य के आधार पर ब्रोकरेज को शेयर में करीब 25 फीसदी की संभावित बढ़त दिखाई दे रही है। नुवामा के मुताबिक, कंपनी पर लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये का नेट डेट है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 1 फीसदी कम है। ब्रोकरेज ने रिलायंस के रिफाइनिंग कारोबार को लेकर भी सकारात्मक नजरिया रखा है। उसका मानना है कि कंपनी को भविष्य में प्रति बैरल 10 डॉलर से अधिक का टिकाऊ ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन हासिल करने का अवसर मिल सकता है। इसके अलावा, कंपनी के न्यू एनर्जी कारोबार को भी भविष्य के विकास का अहम आधार माना जा रहा है। नुवामा का मानना है कि इस कारोबार के विस्तार से लंबे समय में कंपनी के मुनाफे में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है।

17 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा रिलायंस का मार्केट कैप

शेयरों में आई तेजी का सीधा असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। बीएसई के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को कारोबार बंद होने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 15,75,143.36 करोड़ रुपये था। सोमवार को शेयर के 1,259 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 17,04,357.77 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह कंपनी की मार्केट वैल्यू में 1,29,214.41 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी कारोबार के शुरुआती 45 मिनट में ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ।

आगे भी शेयर में तेजी की उम्मीद, लेकिन जोखिम बरकरार

कई ब्रोकरेज हाउस रिलायंस इंडस्ट्रीज के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं। मजबूत O2C कारोबार, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और न्यू एनर्जी बिजनेस को कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के प्रमुख आधार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रिटेल कारोबार की धीमी ग्रोथ, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय रिफाइनिंग मार्जिन जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। कुल मिलाकर, सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में नई जान डाल दी है। 45 मिनट में 1.29 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मार्केट वैल्यू बढ़ना कंपनी के शेयर बाजार में प्रभाव को दिखाता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह तेजी आगे कितनी टिकाऊ साबित होती है।

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