नई दिल्ली आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम की 0-2 से सीरीज हार के बाद 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिए जाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है। पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने टीम प्रबंधन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब युवा खिलाड़ियों को मौका देने का सबसे अच्छा समय था, तब वैभव को बाहर बैठाए रखा गया। अब इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली अगली सीरीज के पहले ही मुकाबले में उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए।
डेब्यू की उम्मीदें अधूरी रह गईं
आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ था, तब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। शानदार घरेलू प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली थी। माना जा रहा था कि बेलफास्ट में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिलेगा और वह कम उम्र में भारत के लिए डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नया इतिहास रच सकते हैं। हालांकि, सीरीज शुरू होने से पहले बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट कर दिया था कि अच्छी लय में चल रहे बल्लेबाजों को बाहर करके वैभव को मौका नहीं दिया जाएगा। नतीजतन पूरी सीरीज में युवा बल्लेबाज बेंच पर ही बैठे रहे।
हार के बाद उठे चयन पर सवाल
भारत को आयरलैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। यह पहली बार था जब भारतीय टीम किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में आयरलैंड से द्विपक्षीय सीरीज हार गई। इस हार के बाद टीम चयन और प्लेइंग इलेवन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।इसी मुद्दे पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा कि आयरलैंड सीरीज युवा खिलाड़ियों को परखने का सबसे उपयुक्त अवसर थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने इस मौके का फायदा नहीं उठाया।
‘दोनों मैचों में मिल सकता था मौका’
आज तक से बातचीत में गावस्कर ने कहा कि वह पिछले एक महीने से लगातार यह बात कह रहे थे कि वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ दोनों मुकाबलों में खेलने का मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि एक मैच में अभिषेक शर्मा के साथ वैभव से पारी की शुरुआत कराई जा सकती थी, जबकि दूसरे मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर संजू सैमसन को शामिल किया जा सकता था। उनके मुताबिक, टीम के पास प्रयोग करने का पूरा अवसर था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
‘जरूरी नहीं था कि शतक बनाते’
गावस्कर ने कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि वैभव को खिलाने का मतलब टीम की जीत तय हो जाती। उन्होंने कहा कि संभव है युवा बल्लेबाज 10 या 15 रन बनाकर भी आउट हो जाते, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को परखने के लिए ऐसे मुकाबले ही सबसे बेहतर मंच होते हैं। उनके अनुसार, जब किसी खिलाड़ी को भविष्य के लिए तैयार करना हो तो उसे सिर्फ टीम में शामिल करना काफी नहीं, बल्कि मैदान पर अवसर देना भी जरूरी होता है।
इंग्लैंड सीरीज के लिए साफ संदेश
पूर्व कप्तान ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को स्पष्ट सलाह देते हुए कहा कि अब वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ पहले ही मुकाबले में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं तो टीम को बदलाव करने से नहीं हिचकना चाहिए। वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका दिया जा सकता है। उनके मुताबिक, युवा खिलाड़ी पर भरोसा दिखाने का यही सही समय है।
प्रिंस की तारीफ भी की
गावस्कर ने आयरलैंड सीरीज में पदार्पण करने वाले तेज गेंदबाज प्रिंस के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा गेंदबाज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट लिए और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपनी उपयोगिता भी साबित की। इससे साफ है कि नए खिलाड़ियों को मौका मिलने पर वे टीम के लिए योगदान देने में सक्षम हैं।
अब सबकी नजरें इंग्लैंड दौरे पर
आयरलैंड सीरीज खत्म होने के बाद अब भारतीय टीम की अगली चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज है, जिसका पहला मुकाबला 1 जुलाई को खेला जाएगा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम प्रबंधन इस बार वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका देगा या युवा बल्लेबाज को एक बार फिर इंतजार करना पड़ेगा।