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घाटाल मास्टर प्लान के लिए 1,200 करोड़ रुपये का ऐलान, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बोले- दुर्गा पूजा के बाद युद्धस्तर पर होगा काम

बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए घाटाल मास्टर प्लान को लागू करने हेतु मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 1,200 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। बुधवार को पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल में आयोजित एक सभा में उन्होंने यह. . .

घाटाल: बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए घाटाल मास्टर प्लान को लागू करने हेतु मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 1,200 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की है। बुधवार को पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल में आयोजित एक सभा में उन्होंने यह ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला।

चालू वित्त वर्ष में ही मिलेगी 1,200 करोड़ की राशि

मुख्यमंत्री ने बताया कि घाटाल मास्टर प्लान के लिए चालू वित्त वर्ष में ही 1,200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाएगी। पश्चिम मेदिनीपुर का घाटाल इलाका हर साल बाढ़ की चपेट में आता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों और स्थानीय विधायक को मास्टर प्लान के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

विद्यासागर की 207वीं जयंती पर बीरसिंह गांव में कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की 207वीं जयंती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली, घाटाल के बीरसिंह गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी मंच से उन्होंने मास्टर प्लान से जुड़ी घोषणा की।

केंद्र और राज्य उठाएंगे आधा-आधा खर्च

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “हम चालू वित्त वर्ष में घाटाल मास्टर प्लान के लिए 1,200 करोड़ रुपये आवंटित कर रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राशि का 50 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी, जबकि बाकी हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अलावा, मास्टर प्लान के लिए जमीन खरीदने हेतु आपदा प्रबंधन विभाग से भी कुछ राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायकों को निर्देश दिया गया है कि योजना का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

दुर्गा पूजा के बाद शुरू होगा काम, जून 2027 तक की समयसीमा

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि दुर्गा पूजा के तुरंत बाद युद्धस्तर पर मास्टर प्लान का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने अगले वर्ष जून महीने तक, यानी मानसून से पहले, काम पूरा करने की समयसीमा भी तय की है।

तृणमूल सरकार पर निशाना: शिक्षा और बाल विवाह पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देशभर की शिक्षा व्यवस्था में पश्चिम बंगाल 31वें स्थान पर पहुंच गया है, जिसके लिए उन्होंने तृणमूल सरकार की “गलत नीतियों” को जिम्मेदार ठहराया।

बाल विवाह के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में भी बंगाल का स्थान काफी ऊपर है। उनके अनुसार, राज्य में किशोरावस्था में ही मां बनने वाली लड़कियों की संख्या लगभग 60 हजार है। इनमें से मुर्शिदाबाद में करीब 13 हजार और दक्षिण 24 परगना में लगभग 9 हजार मामले हैं।

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