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नाना पाटेकर : पिता को अकेला छोड़ने की खबरों पर मल्हार पाटेकर का जवाब, बोले- परिवार हमेशा उनके साथ था

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके परिवार, प्रशंसकों और फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। अभिनेता के आखिरी दिनों और पारिवारिक रिश्तों को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच उनके बेटे. . .

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उनके परिवार, प्रशंसकों और फिल्म जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। अभिनेता के आखिरी दिनों और पारिवारिक रिश्तों को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मल्हार ने उन दावों पर नाराजगी जताई है, जिनमें कहा जा रहा था कि नाना पाटेकर अपने आखिरी दिनों में अकेले थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके साथ रहता था और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा गया। एक इंटरव्यू में मल्हार ने पिता के निधन के दिन को याद करते हुए बताया कि मां का फोन आने के बाद उन्हें ऐसा लगा, जैसे उनकी पूरी दुनिया थम गई हो। उन्होंने परिवार के आपसी रिश्तों, पिता की फिटनेस और उनके आखिरी पलों से जुड़े कई भावुक पहलुओं पर भी बात की।

पिता के निधन की खबर ने तोड़ दिया था मल्हार को

मल्हार पाटेकर ने बताया कि वह पुणे में थे, जब सुबह करीब पांच बजे उनकी मां का फोन आया। फोन पर पिता के निधन की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी मनःस्थिति ऐसी थी कि इसके बाद क्या हुआ, इसकी कई बातें उन्हें याद नहीं हैं। मल्हार के मुताबिक, माता-पिता से उन्हें मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की ताकत मिली है। परिवार से मिले संस्कार और भावनात्मक सहारा ही इस कठिन समय में उन्हें संभालने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाहरी लोग उनके परिवार के बारे में क्या सोचते हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण उनके लिए परिवार के सदस्यों के बीच मौजूद प्यार और अपनापन है।

‘पापा कभी अकेले नहीं थे, हम हमेशा उनके पास रहते थे’

नाना पाटेकर के आखिरी दिनों को लेकर उठ रहे सवालों पर मल्हार ने साफ कहा कि उनके पिता अकेले नहीं रहते थे। परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके आसपास मौजूद रहता था और उनकी देखभाल करता था। मल्हार ने उन खबरों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें परिवार के सदस्यों के बीच दूरी होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर पारिवारिक तस्वीरें साझा नहीं करने का मतलब यह नहीं है कि रिश्तों में प्यार या नजदीकी नहीं है।उनके मुताबिक, परिवार की वास्तविक परिस्थितियों को बाहर से देखकर समझना आसान नहीं होता। किसी परिवार के रिश्तों पर सोशल मीडिया की तस्वीरों या अधूरी जानकारियों के आधार पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

आखिरी दिनों तक फिट थे नाना पाटेकर

मल्हार ने अपने पिता की फिटनेस का जिक्र करते हुए बताया कि नाना पाटेकर काफी सक्रिय रहते थे और नियमित रूप से व्यायाम करते थे। उनके अनुसार, अभिनेता जिम में करीब ढाई घंटे तक कसरत करते थे। मल्हार ने कहा कि उनके पिता की शारीरिक फिटनेस ऐसी थी, जिसे देखकर युवा भी हैरान रह सकते थे। वह अपनी दिनचर्या को लेकर काफी सक्रिय थे और परिवार के लोग भी उनकी सेहत का ध्यान रखते थे। उन्होंने दोहराया कि नाना पाटेकर को अकेला छोड़ने की खबरें वास्तविकता से मेल नहीं खातीं। परिवार उनके साथ था और उनके स्वास्थ्य तथा जरूरतों का ख्याल रखता था।

गोवा में क्या हुआ था उस दिन? बेटे ने साझा किए आखिरी पलों के अनुभव

इंटरव्यू के दौरान मल्हार ने उस दिन का घटनाक्रम भी बताया, जब नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने घर पर थे। उन्होंने बताया कि उनके चचेरे भाई प्रसाद अभिनेता के कामकाज और मनोरंजन जगत से जुड़ी बैठकों की जिम्मेदारी संभालते थे।\ मल्हार के अनुसार, नाना पाटेकर ने ही प्रसाद को मुंबई भेजा था, क्योंकि अगले दिन उन्हें माधुरी दीक्षित के साथ मराठी संस्करण केबीसी से जुड़ी शूटिंग करनी थी। उनके एक अन्य भाई अमय भी अभिनेता को घर की ऊपरी मंजिल पर व्यवस्थित करने के बाद वहां से निकले थे। मल्हार ने बताया कि उनके पिता स्वभाव से ऐसे व्यक्ति थे, जो अपनी परेशानी के कारण दूसरों को असुविधा नहीं देना चाहते थे। जब उन्हें बेचैनी महसूस हुई, तो उन्होंने पहले संदेश भेजा और फिर कुछ समय बाद फोन किया। फोन आने के बाद परिवार का सदस्य तुरंत उनके पास पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

माता-पिता के रिश्ते पर भी मल्हार ने रखी अपनी बात

मल्हार ने परिवार के रिश्तों को लेकर फैल रही धारणाओं पर बात करते हुए बताया कि उनके माता-पिता के बीच करीब 38-39 साल तक संबंध रहे। उन्होंने कहा कि अलग होने के बाद भी दोनों के बीच अच्छे संबंध बने रहे।उनके मुताबिक, किसी रिश्ते की वास्तविक स्थिति केवल बाहर से देखकर तय नहीं की जा सकती। परिवार के सदस्यों के बीच सम्मान, भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ कई बार सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देती। मल्हार ने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार के लोग सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के साथ तस्वीरें साझा करें, यह जरूरी नहीं है। रिश्तों की मजबूती का आकलन केवल ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक

नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर फैल गई। उनके अभिनय, व्यक्तित्व और सिनेमा में योगदान को याद करते हुए कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बताया गया कि अभिनेता का अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर किया गया। उनके सम्मान में महाराष्ट्र सरकार की ओर से प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने की भी जानकारी सामने आई, जिसमें मनोरंजन जगत और राजनीति से जुड़ी हस्तियां शामिल हुईं। मल्हार की बातों से स्पष्ट है कि इस कठिन समय में परिवार अपने निजी दुख से उबरने की कोशिश कर रहा है। साथ ही, वह पिता के आखिरी दिनों को लेकर फैल रही उन अटकलों का जवाब भी देना चाहते हैं, जिनसे परिवार की भावनाएं आहत हो सकती हैं।

मल्हार का संदेश साफ है

परिवार के रिश्तों की सच्चाई सोशल मीडिया की तस्वीरों या बाहरी धारणाओं से नहीं जानी जा सकती। उनके अनुसार, नाना पाटेकर अपने परिवार के बीच थे और उनके अपनों ने हमेशा उनका साथ दिया।

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