नई दिल्ली: त्योहारों के सीजन में महंगाई का असर अब होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। दिवाली से पहले तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। नवंबर महीने में देश के चारों प्रमुख महानगरों में 19 किलो वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। यह लगातार तीसरा महीना है, जब कमर्शियल गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है। ताजा बदलाव के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 10 रुपये महंगा हो गया है। वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत में सबसे ज्यादा 17 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। मुंबई और चेन्नई में भी गैस के नए रेट लागू हो गए हैं। इस बढ़ोतरी का असर उन कारोबारियों पर पड़ सकता है, जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। दिवाली के दौरान मिठाइयों, नमकीन और रेस्टोरेंट के खाने की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कारोबारियों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में ग्राहकों को भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में कितने हुए नए रेट?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बढ़ोतरी की गई है।
चारों महानगरों में लागू नए दाम इस प्रकार हैं:
| शहर | कीमत में बढ़ोतरी | नया सिलेंडर रेट |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹10 | ₹2,820 |
| कोलकाता | ₹17 | ₹2,971 |
| मुंबई | ₹10.50 | ₹2,775 |
| चेन्नई | ₹11.50 | ₹2,994.50 |
नई कीमतों के हिसाब से चेन्नई में कमर्शियल गैस सिलेंडर सबसे महंगा हो गया है। यहां 19 किलो के सिलेंडर के लिए 2,994.50 रुपये चुकाने होंगे। दूसरी तरफ मुंबई में इसकी कीमत 2,775 रुपये है, जो इन चारों महानगरों में सबसे कम है। कोलकाता में नवंबर के दौरान सबसे ज्यादा 17 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं दिल्ली और मुंबई में कीमतों में अपेक्षाकृत कम इजाफा हुआ है।
तीन महीने में कितना महंगा हुआ कमर्शियल सिलेंडर?
कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला पिछले कुछ महीनों से जारी है। अगस्त के बाद से नवंबर तक लगातार तीन बार इसके दाम बढ़ाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर कुल 82 रुपये महंगा हुआ है। कोलकाता में कीमतों में 98.50 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी तरह मुंबई में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 83.50 रुपये और चेन्नई में 88.50 रुपये बढ़ चुके हैं। तीन महीने में हुई इस बढ़ोतरी से व्यावसायिक गैस पर निर्भर कारोबारियों का खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर छोटे होटल, ढाबे, चाय-नाश्ते की दुकानें और मिठाई बनाने वाले कारोबारियों को इसका असर महसूस हो सकता है।
घरेलू गैस इस्तेमाल करने वालों को फिलहाल राहत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत मिली है। नवंबर में घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
चारों महानगरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के मौजूदा भाव इस प्रकार हैं:
| शहर | घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत |
|---|---|
| दिल्ली | ₹942 |
| कोलकाता | ₹968 |
| मुंबई | ₹941.50 |
| चेन्नई | ₹957.50 |
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बदलाव जून में किया गया था। उसके बाद से इसके दाम स्थिर बने हुए हैं। इसका मतलब है कि कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को फिलहाल बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की कीमत पहले जैसी ही है।
दिवाली पर मिठाई और बाहर खाना पड़ सकता है महंगा?
कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से उन प्रतिष्ठानों में होता है, जहां बड़े स्तर पर खाना तैयार किया जाता है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग सर्विस, बेकरी और मिठाई की दुकानें शामिल हैं। दिवाली के समय इन कारोबारों में कामकाज सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाता है। मिठाइयों, नमकीन, स्नैक्स और दूसरे खाद्य पदार्थों का उत्पादन भी बढ़ाया जाता है। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से कारोबारियों की कुल उत्पादन लागत पर असर पड़ सकता है। मसलन, मिठाई बनाने वाली दुकानों को रोजाना कई सिलेंडरों की जरूरत पड़ती है। इसी तरह बड़े रेस्टोरेंट और होटल भी खाना तैयार करने के लिए व्यावसायिक गैस पर निर्भर रहते हैं। कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से उनका मासिक खर्च बढ़ सकता है। हालांकि, गैस के दाम बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि सभी दुकानदार तुरंत अपने उत्पादों की कीमत बढ़ा देंगे। इसका वास्तविक असर कारोबार के आकार, गैस की खपत और अन्य खर्चों पर निर्भर करेगा। फिर भी त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हर महीने क्यों बदलती हैं कमर्शियल गैस की कीमतें?
भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों, आयात लागत और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कारकों को ध्यान में रखकर कमर्शियल सिलेंडर के दाम तय करती हैं। आमतौर पर महीने की पहली तारीख को नई कीमतें घोषित की जाती हैं। इसलिए होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े लोगों के लिए हर महीने होने वाला यह बदलाव महत्वपूर्ण होता है। नवंबर में लगातार तीसरी बार हुई बढ़ोतरी ने दिवाली से पहले कारोबारियों की लागत बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इसका असर बाजार में मिठाइयों, खाने-पीने की चीजों और रेस्टोरेंट के मेन्यू की कीमतों पर कितना पड़ता है।