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TMC नेता गिरफ्तार : विधानसभा चुनाव में भी लड़ा था चुनाव, अब सरकारी नौकरी के नाम पर 10 लाख की ठगी के आरोप में पुलिस ने दबोचा

पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये लेने के आरोप में तृणमूल. . .

झाड़ग्राम, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये लेने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अजीत महतो को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। झाड़ग्राम थाने की पुलिस ने आरोपी को देर रात उसके घर से हिरासत में लिया। पुलिस ने अदालत से आरोपी की 14 दिनों की पुलिस हिरासत मांगी है। सबसे खास बात यह है कि अजीत महतो ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर गोपीबल्लभपुर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान कथित तौर पर जमीन से जुड़े विवादों और जमीन माफिया गतिविधियों को लेकर भी रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर 10 लाख रुपये लेने का आरोप

पुलिस और शिकायत से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अजीत महतो पर वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर एक बेरोजगार युवक से 10 लाख रुपये लेने का आरोप है। झाड़ग्राम के बाछुरडोबा इलाके के रहने वाले 24 वर्षीय सजल दास ने इस संबंध में झाड़ग्राम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अजीत महतो ने अपने राजनीतिक प्रभाव और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीबी संबंध होने का दावा किया था। इसी आधार पर उन्होंने सजल दास को वन विभाग में स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में युवक ने आरोपी की बातों पर विश्वास कर लिया और अलग-अलग किस्तों में पैसे देना शुरू कर दिया।

दिसंबर 2024 से मार्च 2026 तक चार किस्तों में दिए 10 लाख रुपये

शिकायत के मुताबिक, सजल दास ने दिसंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच कुल चार किस्तों में अजीत महतो को 10 लाख रुपये दिए थे। युवक को उम्मीद थी कि जल्द ही उसकी सरकारी नौकरी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो उसे वन विभाग में नौकरी मिली और न ही कथित तौर पर उसकी रकम वापस की गई। इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो मामला और गंभीर हो गया।

पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप

शिकायतकर्ता सजल दास का आरोप है कि जब उन्होंने अजीत महतो से अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि आरोपी ने उनसे 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग भी की। इस घटना के बाद युवक ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

क्या नौकरी के नाम पर और युवाओं से भी हुई ठगी?

इस मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि इसी तरह सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर अन्य बेरोजगार युवाओं से भी पैसे वसूले गए हैं। हालांकि, कितने लोग इस कथित ठगी का शिकार हुए हैं और कुल कितनी रकम की वसूली की गई है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में अजीत महतो के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था।

रात ढाई बजे घर से हुई गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद झाड़ग्राम थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 29 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद जांच के दौरान गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे पुलिस ने अजीत महतो को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाना है। जांच अधिकारी मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग कर रहे हैं।

BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:

  • धारा 318(2) और 318(4) – धोखाधड़ी से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 308(5) – जबरन वसूली से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 351(3) – आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 111(3) – संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 61(2) – आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित प्रावधान।

इन धाराओं के तहत पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे

अजीत महतो की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। पुलिस मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

  1. 10 लाख रुपये का वास्तविक लेनदेन किन माध्यमों से हुआ?
  2. क्या सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य बेरोजगार युवाओं से भी पैसे लिए गए?
  3. क्या इस कथित धोखाधड़ी में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह शामिल है?
  4. आरोपियों ने कथित तौर पर वसूली गई रकम कहां खर्च की?
  5. क्या सरकारी अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क होने का दावा केवल युवाओं को भरोसे में लेने के लिए किया गया था?

विधानसभा चुनाव लड़ चुके TMC नेता की गिरफ्तारी से इलाके में चर्चा

अजीत महतो की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि वह 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर गोपीबल्लभपुर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में उनकी गिरफ्तारी ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग के बाद पूछताछ में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित ठगी का दायरा कितना बड़ा है और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। फिलहाल आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

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