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BJP का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान आज से तेज, अमित शाह हैदराबाद में निकालेंगे पदयात्रा; नितिन नवीन बिहार और बंगाल में संभालेंगे मोर्चा

देश की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष को जवाब देने के लिए देशव्यापी जनअभियान तेज कर दिया है।. . .

नई दिल्ली/हैदराबाद। देश की राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष को जवाब देने के लिए देशव्यापी जनअभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार, 2 नवंबर को भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ तीन प्रमुख शहरों में पदयात्राएं आयोजित कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बिहार के भागलपुर और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पार्टी के अभियान की अगुवाई करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भाजपा विपक्षी दलों के उस अभियान का राजनीतिक जवाब देने की तैयारी में है, जिसमें केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यह राजनीतिक गतिविधियां ऐसे समय में हो रही हैं, जब रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन ने बड़ी रैली आयोजित कर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।

तीन राज्यों में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, विपक्ष के आरोपों का देगी जवाब

भाजपा का सोमवार का कार्यक्रम पार्टी के व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैला रहा है और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। भाजपा इस अभियान के माध्यम से लोगों तक अपना पक्ष पहुंचाना चाहती है। पार्टी के मुताबिक, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।

इस अभियान के तहत तीन बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं:

  • हैदराबाद: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।
  • भागलपुर: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सुबह पदयात्रा निकालेंगे।
  • कोलकाता: नितिन नवीन दोपहर में दूसरी पदयात्रा की अगुवाई करेंगे।

हैदराबाद में अमित शाह की पदयात्रा, दोपहर 3 बजे होगी शुरुआत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को हैदराबाद में भाजपा की महापदयात्रा में शामिल होंगे। तेलंगाना भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना है। पदयात्रा दोपहर 3 बजे बशीरबाग स्थित डॉ. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होगी। इसके बाद मार्च एबिड्स इलाके से गुजरते हुए मोजमजाही मार्केट पहुंचेगा। कार्यक्रम शाम करीब 6 बजे समाप्त होने की संभावना है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव के मुताबिक, पदयात्रा के समापन पर अमित शाह मोजमजाही मार्केट में लोगों को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, भाजपा के सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी नेताओं का दावा है कि वकील, डॉक्टर, बुद्धिजीवी और आम नागरिक भी इस पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।

जी. किशन रेड्डी और रामचंदर राव ने किया तैयारियों का निरीक्षण

अमित शाह की हैदराबाद यात्रा को लेकर भाजपा ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। रविवार को केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने पदयात्रा के प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम की अन्य तैयारियों की समीक्षा की। भाजपा नेताओं के मुताबिक, पदयात्रा को व्यापक जनभागीदारी वाला कार्यक्रम बनाने की तैयारी की गई है। हैदराबाद के प्रमुख इलाकों से गुजरने के कारण पुलिस और प्रशासन भी सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

भागलपुर में नितिन नवीन करेंगे पहली पदयात्रा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को बिहार के भागलपुर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। बिहार भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, पदयात्रा सुबह 11 बजे लाजपत पार्क से शुरू होगी और दोपहर 12:30 बजे सेवा ज्योति चौक पर समाप्त होगी। इस दौरान पार्टी के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए बिहार में भी विपक्ष के चुनावी आरोपों और SIR को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने की तैयारी में है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम को देखते हुए स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।

बिहार के बाद कोलकाता पहुंचेंगे नितिन नवीन

भागलपुर में कार्यक्रम पूरा करने के बाद नितिन नवीन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचेंगे। यहां वे दिन की दूसरी पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।

भाजपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार:

  • शुरुआत: दोपहर 3 बजे, कॉलेज स्ट्रीट।
  • समापन: शाम 5:30 बजे, धर्मतला।

पश्चिम बंगाल में इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा यहां भी अपने अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश करेगी।

एक दिन पहले रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की बड़ी रैली

भाजपा के इस अभियान से ठीक एक दिन पहले रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में I.N.D.I.A. गठबंधन ने बड़ी रैली आयोजित की थी। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए। गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित किए जा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा जाता रहा है। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताया है।

राहुल गांधी ने अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

रामलीला मैदान की रैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भविष्य में कानूनी कार्रवाई होने की बात भी कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि कथित वोट चोरी के मामले में किसी को भी कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। विपक्ष ने इस रैली के जरिए भाजपा के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान तेज करने का संदेश दिया।

SIR को लेकर BJP और विपक्ष आमने-सामने

इस पूरे राजनीतिक विवाद के केंद्र में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया है। SIR के तहत मतदाता सूचियों की जांच और अद्यतन किया जाता है। इसमें मृत मतदाताओं, स्थान बदल चुके लोगों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान जैसे पहलू शामिल होते हैं। भाजपा का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी है। वहीं, विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके जरिए कुछ वर्गों के मतदाताओं को सूची से बाहर किए जाने का खतरा है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है।

चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

SIR को लेकर उठे विवाद ने चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग से जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बता रही है। सोमवार को हैदराबाद, भागलपुर और कोलकाता में होने वाली पदयात्राएं इसी राजनीतिक टकराव का अगला चरण मानी जा रही हैं।

तीन शहरों की पदयात्राओं पर रहेगी राजनीतिक नजर

भाजपा के इस अभियान के जरिए पार्टी एक ही दिन में दक्षिण, पूर्व और पूर्वी भारत के तीन महत्वपूर्ण शहरों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। हैदराबाद में अमित शाह की मौजूदगी, भागलपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पदयात्रा और कोलकाता में उनका दूसरा कार्यक्रम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हैं। वहीं, दिल्ली में विपक्ष की रैली के बाद भाजपा के इस अभियान को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। अब इन पदयात्राओं में कार्यकर्ताओं की भागीदारी, नेताओं के संबोधन और SIR को लेकर दिए जाने वाले राजनीतिक बयानों पर सबकी नजर रहेगी।

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