डेस्क : त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ सोने और चांदी की कीमतों पर निवेशकों और खरीदारों की नजर बनी हुई है। सितंबर महीने में दोनों कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली। महीने के दौरान सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम करीब ₹9,000 घट गई, जबकि चांदी के भाव में प्रति किलोग्राम ₹8,000 की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, अक्टूबर की शुरुआत में निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने और वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते सोने-चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली।
सितंबर में कितना सस्ता हुआ सोना?
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 1 सितंबर को सोने का भाव करीब ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम था। पूरे महीने उतार-चढ़ाव के बाद 30 सितंबर तक इसकी कीमत घटकर लगभग ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम रह गई। इस तरह सितंबर में सोने की कीमत में करीब ₹9,000 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी सितंबर के दौरान कमजोरी रही। 1 सितंबर को दिल्ली में चांदी करीब ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। 30 सितंबर तक इसका भाव घटकर लगभग ₹2.32 लाख प्रति किलोग्राम रह गया। यानी पूरे महीने में चांदी करीब ₹8,000 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।
अक्टूबर के पहले दिन फिर चढ़े दाम
सितंबर में गिरावट के बाद अक्टूबर की शुरुआत में कीमती धातुओं में रिकवरी देखने को मिली। 1 अक्टूबर को घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर सोने की कीमत फिर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के ऊपर पहुंच गई। चांदी में भी करीब 1% की तेजी देखने को मिली और इसका भाव लगभग ₹2.26 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर $4,175 प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर लगभग 1.20% की बढ़त के साथ करीब $61 प्रति औंस के आसपास कारोबार करती नजर आई।
सोने-चांदी में तेजी की क्या है वजह?
कीमती धातुओं में अक्टूबर की शुरुआत में आई तेजी के पीछे कई वैश्विक संकेतों को अहम माना जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से ये कारण शामिल हैं:
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
सऊदी अरब की ओर से पाइपलाइन के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुई हैं, जिसका असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा।
चीन के गोल्डन वीक से मांग बढ़ने की उम्मीद
चीन में अक्टूबर की शुरुआत के साथ गोल्डन वीक शुरू हो रहा है। इस दौरान वहां छुट्टियों के कारण सोने और आभूषणों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद रहती है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर चीन में सोने की मांग मजबूत रहती है तो आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।
आगे कैसी रह सकती है सोने-चांदी की चाल?
सितंबर में बड़ी गिरावट के बाद अक्टूबर की शुरुआत में दोनों धातुओं में रिकवरी देखने को मिली है। अब निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार के संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, चीन की मांग और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों पर रहेगी। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले स्थानीय बाजार के ताजा भाव की जांच करना जरूरी है।