ADVERTISEMENT
Home » पश्चिम बंगाल » त्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कांड की जांच के लिए SIT गठित, खुफिया प्रमुख कुणाल अग्रवाल करेंगे नेतृत्व

त्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कांड की जांच के लिए SIT गठित, खुफिया प्रमुख कुणाल अग्रवाल करेंगे नेतृत्व

सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में हुए विवाद की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। लालबाजार ने मामले की गंभीरता और इससे जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच के लिए SIT का गठन किया है. . .

कोलकाता: सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में हुए विवाद की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। लालबाजार ने मामले की गंभीरता और इससे जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच के लिए SIT का गठन किया है। इसकी कमान कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम/डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) कुणाल अग्रवाल को सौंपी गई है।

कई पहलुओं की होगी जांच

पुलिस पहले से ही मामले की जांच कर रही थी। हालांकि, घटना की गंभीरता को देखते हुए अब इसे SIT के हवाले किया गया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि SRFTI में आखिर क्या हुआ, विवाद की शुरुआत कैसे हुई, इसके पीछे कौन लोग थे, क्या घटना पहले से नियोजित थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले तथ्यों, CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान समेत अब तक सामने आए सभी साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण किया जाएगा। घटना से जुड़े लोगों की भूमिका भी अलग-अलग स्तर पर जांची जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनसे पूछताछ की जा सकती है।

SIT में कौन-कौन अधिकारी शामिल?

कुणाल अग्रवाल के नेतृत्व वाली SIT में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। टीम में शामिल अधिकारियों के नाम हैं:

ADVERTISEMENT
  • कुणाल अग्रवाल — अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम), कोलकाता पुलिस
  • स्पर्शा निलांगी — डिप्टी कमिश्नर, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट
  • कौशिक घोष — डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, CID
  • सलिल राय — असिस्टेंट कमिश्नर, एंटी-राउडी सेक्शन
  • तुषारकांति घोष — असिस्टेंट कमिश्नर, ईस्टर्न सबर्बन डिवीजन
  • हीरक दलपति — इंस्पेक्टर, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट

जरूरत पड़ने पर SIT में राज्य पुलिस या कोलकाता पुलिस के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शामिल किया जा सकता है।

1 अक्टूबर तक देनी होगी पहली रिपोर्ट

लालबाजार सूत्रों के मुताबिक SIT का मुख्य उद्देश्य जांच को तेजी से आगे बढ़ाकर घटना की वास्तविक वजह और इससे जुड़े अन्य पहलुओं को सामने लाना है। SIT ने प्रारंभिक जांच का काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने टीम को 1 अक्टूबर तक पहली रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

27 सितंबर को SRFTI में हुआ था विवाद

गौरतलब है कि 27 सितंबर को SRFTI के ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम को लेकर विवाद और कथित तौर पर मारपीट की स्थिति पैदा हो गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ‘अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत पश्चिम बंगाल प्रांत’ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कुछ छात्रों के विरोध के बाद स्थिति तनावपूर्ण हुई। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्र ऑडिटोरियम में पहुंचे और कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना को लेकर छात्रों के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से भी अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। बताया गया है कि SRFTI के ऑडिटोरियम को किराये पर लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। घटना के बाद छात्रों और शिक्षकों के एक वर्ग में नाराजगी देखने को मिली। जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इसी बीच अब मामले की विस्तृत जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।

Web Stories
 
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
इन लोगों को नहीं खाना चाहिए मोरिंगा शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए खाएं ये वेजेटेरियन फूड्स हल्दी का पानी पीने से दूर रहती हैं ये परेशानियां सकट चौथ व्रत पर भूल से भी न करें ये गलतियां बुध के गोचर से इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम